परिवहन विभाग को इस माह मिलेंगे दो ओवरस्पीड चेक वाहन
मानक से अधिक स्पीड में चलने पर अपने आप कट जाएगा चालान
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। तय गति से तेज वाहन चलाने वालों की अब खैर नहीं है। परिवहन विभाग दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए तेज गति से वाहन चलाने वालों का चालान इंटरसेप्टर के माध्यम से करेगा। विभाग को जल्द ही ये वाहन मिल जाएंगे। इसके बाद कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
तय मानक से तेज वाहन चलाने और इससे होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग कमर कस चुका है। शासन की तरफ से गोरखपुर मंडल को दो इंटरसेप्टर वाहन मिलने जा रहे हैं। ये अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। इस हाईटेक वाहन के रडार में आने वाली तेज रफ्तार गाड़ियों की तस्वीर खींच ली जाएगी। साथ ही उसके स्पीड का भी पता चल जाएगा। इससे उनका चालान आसानी से हो जाएगा। परिवहन विभाग इन वाहनों को हाईवे पर खड़ा कर कार्रवाई करेगा।
ओवरस्पीड में हुए चालान
जनवरी- 815
फरवरी- 828
मार्च- 879
अप्रैल-1074
मई- 202
जून- 192
जुलाई-226
अगस्त- 192
ऐसे काम करता है इंटरसेप्टर
इंटरसेप्टर वाहन हाईवे पर किनारे लगा दिया जाता है। कैमरे को वाहनों की ओर कर दिया जाता है। साथ ही वाहन के अंदर लगी मशीन और मॉनीटर पर तकनीकी कर्मी गति सीमा देखता है। गति सीमा अधिक पाए जाने पर उस मशीन से तत्काल चालान काट दिया जाता है। इंटरसेप्टर वाहन का वीडियो भी बना लेता है। आवश्यकता पड़ने पर उसे वाहन चालकों को सबूत के तौर पर दिया जा सकता है। इंटरसेप्टर पर लगा कैमरा 360 डिग्री के एंगल में घूम सकता है। इससे किसी भी वाहन की ओवरस्पीड को मापा जा सकता है।
कोट
ओवरस्पीड वाहन और दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए मंडल को दो इंटरसेप्टर वाहन मिलने वाले हैं। इसके लिए मुख्यालय में अफसरों को ट्रेनिंग दी जा रही है। ये वाहन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं।
-संजय कुमार झा, संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन