अभियंताओं की शह पर खूब फलता-फूलता है लाइनमैनों का धंधा
उपभोक्ता के घर तक अवैध लाइन खींचना हो या नया कनेक्शन, देना ही होगा सुविधा शुल्क
कई बिजली उपकेंद्रों पर आठ से दस वर्षों से जमें है लाइनमैन, सुधि लेने वाला कोई नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बिजली विभाग में नया बिजली कनेक्शन लेना है या अवैध लाइन खिंचवानी है, बिना सुविधा शुल्क दिए नहीं होने वाला है। भले ही काम निजी नहीं किसी संस्था का हो, लाइनमैनों के वसूली का ढर्रा सबके लिए एक ही है। मोहद्दीपुर में बैंक के कनेक्शन काटने के बाद मामला खुल गया, लेकिन बिजली निगम के लाइनमैनों का धंधा अभियंताओं की शह पर खूब फलता-फूलता है। शीर्ष अधिकारी खुद इस बात को मानते हैं कि क्षेत्र में जाने पर जेई और एसडीओ की जगह लाइनमैनों को ही उपभोक्ता, अधिकारी तक मानते हैं। संविदा पर रखे गए कई बिजलीकर्मी तो अपने खंड क्षेत्र में आठ से दस वर्षों से जमे हैं।
बिजली निगम के एक सेवानिवृत्त अभियंता ने बताया कि लाइनमैन जानते हैंं कि क्षेत्र में उनके बिना सहमति के बिजली आपूर्ति सुचारु ढंग से नहीं चल सकती। क्षेत्र के अभियंता भी लाइनमैनों के प्रति सरल हो जाते हैंं, क्योंकि आपूर्ति व्यवस्था बिजली उपकेंद्र से लेकर उपभोक्ता के घरों तक लाइनमैन के जिम्मे होता है। इसी जिम्मेदारी में लाइनमैन मनमाना खेल करते हैं। सूत्र बताते हैं कि कई लाइनमैन से बिजली उपकेंद्र से सीधे उपभोक्ताओं के घरों तक अवैध बिजली की लाइन तक चलाते हैं। इसके बदले उनका और उनके साहबानों का प्रतिमाह रकम तय रहती है। कनेक्शन देने के बाद घर जाकर लाइन जोड़ने से लेकर फाल्ट बनाने में लाइनमैनों को सुविधा शुल्क देना ही पड़ता है। वरना शिकायत दर्ज कराने के बाद भी अंधेरे में ही रहना पड़ेगा।