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Gorakhpur News: महिला के न पहुंचने पर डाक से भेजा जाएगा नोटिस, छेड़खानी प्रकरण की जांच अटकी

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- जांच के लिए बुलाने पर नहीं पहुंची पीड़िता, जांच प्रक्रिया रुकी
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- पीड़िता के बयान दर्ज होने के बाद ही शुरू होगी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच के दौरान महिला से छेड़खानी के आरोप से जुड़ा मामला फिलहाल अधर में लटका हुआ है। जांच के लिए बुलाए जाने के बावजूद पीड़िता के बयान दर्ज न हो पाने से न तो विभागीय जांच आगे बढ़ सकी है और न ही पूरे प्रकरण का निस्तारण हो सका है। अब अस्पताल प्रशासन ने महिला को डाक के माध्यम से नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाने का निर्णय लिया है।
दरअसल, करीब दो सप्ताह पहले जिला महिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड कराने पहुंची एक महिला ने जांच कक्ष में तैनात कर्मचारी पर छेड़खानी, गाली-गलौज और धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया था। महिला की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। आरोप सामने आने के बाद जिला महिला अस्पताल प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित कर्मचारी को निलंबित कर दिया था।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला महिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक (एसआईसी) डॉ. जय कुमार ने तीन सदस्यीय विभागीय जांच समिति का गठन किया था। समिति को पीड़िता और आरोपी कर्मचारी दोनों के बयान दर्ज कर रिपोर्ट सौंपनी थी। बताया जा रहा है कि जांच के लिए आरोपी कर्मचारी निर्धारित तिथि पर उपस्थित हो गया लेकिन पीड़िता नहीं पहुंच सकी। इसके चलते दोनों पक्षों के बयान दर्ज नहीं हो पाए और जांच प्रक्रिया रुक गई। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, पीड़िता के बयान के बिना जांच को आगे बढ़ाना संभव नहीं है। इसी कारण अब महिला को डाक के माध्यम से नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जाएगा। महिला का बयान दर्ज होने के बाद ही विभागीय जांच आगे बढ़ सकेगी और आगे की कार्रवाई तय होगी।
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महिला ने किसी भी प्रकार की कार्रवाई से किया इनकार
उधर, इस मामले में एक नया मोड़ भी सामने आया है। पीड़ित महिला ने अब किसी भी प्रकार की कार्रवाई से इनकार किया है। महिला का कहना है कि अल्ट्रासाउंड जांच से पहले कर्मचारी उनके पेट पर जेल लगा रहा था, जो जांच की सामान्य प्रक्रिया होती है। जानकारी के अभाव में उन्हें गलतफहमी हो गई, जिसके चलते उन्होंने कर्मचारी के खिलाफ थाने में तहरीर दे दी थी। बाद में पूरी प्रक्रिया समझ में आने पर उन्होंने विवेचक से किसी भी प्रकार की कार्रवाई न करने का अनुरोध किया है। फिलहाल पुलिस और अस्पताल प्रशासन महिला के बयान का इंतजार कर रहे हैं। बयान दर्ज होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। कोतवाली थाना प्रभारी छत्रपाल सिंह ने बताया कि जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के दौरान छेड़खानी के आरोप से जुड़ा मामला दर्ज किया गया था। पीड़िता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं, जिसमें उन्होंने गलतफहमी के चलते प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही है और किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से इनकार किया है। फिलहाल मामले की जांच प्रक्रिया जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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