गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने पर कुर्क होगी संपत्ति
- शिक्षक की खुदकुशी का मामला, पुलिस ने निलंबित बीएसए और लिपिक पर घोषित किया है इनाम
गोरखपुर। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की खुदकुशी के मामले में देवरिया की निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी है। गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने की वजह से पुलिस ने अब नई रणनीति अपनाई है।
जानकारी के अनुसार, कुशीनगर जिले के हरैया बुजुर्ग निवासी कृष्ण मोहन सिंह (37) देवरिया के गौरीबाजार स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक थे। हाईकोर्ट के 13 फरवरी 2025 के आदेश के बावजूद वेतन बहाली न होने और लगातार प्रताड़ना से आहत होकर उन्होंने 21 फरवरी की सुबह गुलरिहा स्थित आवास में फंदा लगाकर जान दे दी थी। उन्होंने खुदकुशी से पहले चार पेज का सुसाइड नोट लिखा और एक वीडियो बनाया, जिसमें बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह और सेवानिवृत्त प्रधानाध्यायक अनिरुद्ध सिंह पर नियुक्ति बहाली के नाम पर 16 लाख रुपये की मांग और लगातार उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद गुलरिहा थाने में पत्नी गुड़िया सिंह की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह को शासन ने निलंबित कर दिया था। इसके बाद से दोनों भाग हुए हैं।
एसएसपी डाॅ. कौस्तुभ ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए पहले 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बाद में इनाम की राशि बढ़ाकर 25-25 हजार रुपये कर दी गई। इसके अलावा सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह की अर्जी पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी कर दिया है।
सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक की इस मामले में गिरफ्तारी हो चुकी है। बीएसए व लिपिक की तलाश चल रही है। दोनों जल्द पकड़े जाएंगे।