संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। नए विचारों को नवाचार और उद्यमिता से जोड़कर रोजगार सृजन का माध्यम बनाने के लिए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने पहल की है। बृहस्पतिवार को इनोवेशन डे पर संवाद भवन में इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) का उद्घाटन किया गया।
इस दौरान विद्यार्थियों ने अपने नए विचारों और स्टार्टअप की संभावनाओं से जुड़े आइडिया प्रस्तुत किए। शुरुआती छंटनी के बाद 25 युवाओं के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए चुना गया है।
चयनित युवाओं को 15 नवंबर को दोबारा प्रेजेंटेशन देने का मौका मिलेगा। इसके बाद 15 दिसंबर को वे उद्यमियों के सामने अपने आइडिया प्रस्तुत करेंगे। चयनित विचारों को स्टार्टअप में बदलने के लिए 15 जनवरी तक फंड उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के रचनात्मक विचारों को व्यावहारिक रूप देकर उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि नवाचार केवल नए विचारों तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक क्षमता पहचानने, नए प्रयोग करने और अपने विचारों को व्यावहारिक उपयोगिता से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास युवाओं को नए अवसर तलाशने और रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेंगे।
मुख्य अतिथि गैलेंट ग्रुप के सीपी अग्रवाल ने कहा कि नवाचार और उद्यमिता युवाओं को नौकरी तलाशने वाले से नौकरी देने वाला बना सकते हैं। विद्यार्थियों को अपने विचारों को धरातल पर उतारने के लिए गंभीरता से प्रयास करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि अमित बथवाल ने कहा कि हर बड़ा स्टार्टअप एक छोटे विचार से शुरू होता है। सही दिशा और प्रयास से छोटे विचार भी बड़े उद्यम का रूप ले सकते हैं।
कार्यक्रम में वाणिज्य संकाय के अधिष्ठाता प्रो. आरपी सिंह, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. दिव्या रानी सिंह और आईआईसी की अध्यक्ष प्रो. अलका सिंह सहित शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।