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फीस जमा ही नहीं, बोर्ड के रजिस्ट्रेशन में होगी दिक्कत

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फीस जमा ही नहीं, बोर्ड के रजिस्ट्रेशन में होगी दिक्कत
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स्कूल प्रबंधन की दुविधा, विद्यार्थी को किस संवर्ग में पढ़ाएं
गोरखपुर। कोरोना संकटकाल में कई स्कूलों में विद्यार्थियों की फीस जमा नहीं हुई है। इसकी वजह से 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों के बोर्ड के रजिस्ट्रेशन में दिक्कत होगी। बगैर इसके द इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंड्री एजूकेशन (आईसीएसई) में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पंजीकरण नंबर जारी नहीं हो सकेगा। लिहाजा उसे बोर्ड परीक्षा में शामिल होने का मौका भी नहीं मिलेगा। किसी दूसरे शहर में ट्रांसफर या एक से दूसरे स्कूल में प्रवेश लेने की स्थितियों में विद्यार्थियों को परेशानी हो सकती है। इधर, स्कूल प्रबंधन के सामने दुविधा यह है कि आखिर वे छात्र को किस संवर्ग में पढ़ाएं।
बार-बार स्कूूल प्रशासन के अनुरोध के बाद भी अभिभावक मार्च के बाद से स्कूल फीस जमा नहीं करा रहे हैं। इस दौरान ही फीस में दोनों कक्षाओं के बच्चों से पंजीकरण और परीक्षा शुल्क भी जमा कराया जाता है। मगर इस वर्ष ऐसा संभव नहीं हो सका है। पंजीकरण नहीं होने की वजह से बोर्ड को भी ये पता नहीं चल पा रहा है कि आखिर कौन सा विद्यार्थी किस स्ट्रीम का है। आईसीएसई में कक्षा 9वीं के बाद ही कॉमर्स, साइंस और ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम से अलग-अलग पढ़ाई कराई जाती है। रजिस्ट्रेशन नहीं होने की वजह से स्कूल प्रबंधन भी यह तय नहीं कर पा रहा है कि बच्चे को आखिर ऑनलाइन क्लास में किस स्ट्रीम से पढ़ाया जाए।
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सीबीएसई का हाल भी इससे अलग नहीं
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजूकेशन (सीबीएसई) से संचालित स्कूलों का हाल भी कुछ ऐसा ही है। यहां भी 9वीं और 11वीं में स्कूल की फीस जमा नहीं होने से पंजीकरण फीस एकत्रित नहीं हो सकी है। अभी बोर्ड की ओर से पंजीकरण की शुरुआत तो नहीं की गई है, मगर अगले महीने तक पंजीकरण शुरू होने के पूरे आसार है। ऐसे में यहां भी बच्चों को परेशानी उठानी पड़ सकती है।
9वीं और 11वीं की स्कूल फीस के साथ ही अभिभावकों से रजिस्ट्रेेशन और एग्जामिनेशन फीस को जमा कराया जाता है। इसके बाद बोर्ड की ओर से लिंक एक्टिवेट किए जाने पर बच्चों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया जाता है। फिर हर बच्चे को अलग-अलग रजिस्ट्रेशन नंबर जारी होता है। इसी आधार पर ही विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में बैठने का मौका हासिल कर पाता है।
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- अंबरीश चंद्रा, एग्जीक्यूटिव प्रिसिंपल, सेंट पॉल्स स्कूल
9वीं और 11वीं में अभिभावकों की ओर से इनरोलमेंट फीस नहीं जमा कराई गई है। इसे जमा कराने के बाद ही बोर्ड के निर्देश पर विद्यार्थियों को रजिस्ट्रेशन कराया जाता है। बिना पंजीकरण के विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में बैठने का मौका नहीं मिलेगा। इसे लेकर अभिभावकों को संदेश भेजा रहा है। बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए ये प्रक्रिया बेहद जरूरी है।
- अजय शाही, डायरेक्टर, आरपीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स
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