गोरखपुर। प्रख्यात अभिनेता, रंगकर्मी और फिल्म निर्देशक नाना पाटेकर के निधन की सूचना से कलाकार और रंगकर्मी स्तब्ध रह गए। उन्होंने नाना के अभिनय से लेकर सादगी को याद करते हुए कहा कि कलाकारों के लिए अभिनय गुरु और किसी संस्था से कम नहीं थे। गोरखपुर आने की उनकी हसरत अधूरी रह गई। सचमुच...नाना बहुत याद आओगे।
फिल्म अभिनेता और सदर सांसद रवि किशन शुक्ल ने वीडियो जारी कर अपनी श्रद्धांजलि देते हुए नाना पाटेकर से पूर्व में हुई बातों का जिक्र किया। कहा, एक महीने पहले की बात है। वे भोपाल में फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। फोन पर बातचीत में बताया कि रवि बहुत गर्मी है यहां। वैसे, तेरा गोरखपुर देखना है मुझे। वे गोरखपुर आते-आते रह गए। स्टार होते हुए भी स्टारडम से कोसों दूर रहने वाले नाना जी भारतीय सिनेमा के उन महान कलाकारों में थे, जिनकी पहचान उनकी सादगी, सहजता और मिट्टी से जुड़े व्यक्तित्व से थी।
मुंबई की चकाचौंध में रहते हुए भी उन्होंने अपनी जड़ों और संस्कारों को कभी नहीं छोड़ा। वे अपने बेटे मल्हार से बहुत प्रेम करते थे, उनके दोस्त जैसा है वह। ईश्वर मल्हार को सहनशक्ति दें। रवि किशन ने कहा कि नाना से मेरा आत्मीय संबंध रहा। समय-समय पर उनसे बातचीत होती थी। उनके अभिनय, सादगी और जीवन के प्रति उनके दृष्टिकोण से मैंने बहुत कुछ सीखा। वे हमेशा स्नेह और प्रोत्साहन देते थे। उनका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से भी एक बड़ी क्षति है।