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यूपी: दिव्यांग बेटे के साथ आठ घंटे तक भूख हड़ताल पर बैठा रहा दंपती, सीएमओ पर लगाया आरोप

Wed, 30 Dec 2020 09:27 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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धरने पर बैठा दंपती। - फोटो : अमर उजाला।
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गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य के बारे में गलत जानकारी देकर छल करने के आरोपी डॉक्टरों के सेंटरों पर कार्रवाई न होने के विरोध में दंपती अपने साढ़े चार माह के दिव्यांग बेटे के साथ आठ घंटे तक भूख हड़ताल पर बैठा रहा। उन्होंने सीएमओ पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।

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डीएम कार्यालय के सामने शाम सात बजे सीओ कैंट और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और चार जनवरी तक हर हाल में सेंटरों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद दंपती ने भूख हड़ताल तोड़ी।

जानकारी के मुताबिक देईपार निवासी अभिषेक कुमार पांडेय ने 27 वर्षीय पत्नी अनुराधा के गर्भधारण के बाद गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य एवं विकास के संबंध में जांच कराई थी। 20 जनवरी को उन्होंने हनुमान मंदिर रोड, बेतियाहाता में डॉ. अरुणा छापड़िया, 30 मार्च को बेतियाहाता में डॉ. अंजू मिश्रा, नौ मई को डॉ. नेहल छापड़िया और पांच अगस्त को सहजनवां में आदित्य अल्ट्रासाउंड सेंटर में डॉ कॉजल से जांच कराई।
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इनके कहने पर लेवल टू कलर डॉप्लर की जांच भी कराई। रिपोर्ट देखने के बाद सभी ने बच्चे को स्वस्थ बताया। लेकिन जब बच्चा पैदा हुआ तो उसका एक हाथ विकसित नहीं था। नाक और ललाट भी विकसित नहीं थे। मामले की शिकायत अभिषेक ने सीएमओ और डीएम से की थी। शिकायत पर मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर अभिषेक ने डॉ. अंजू मिश्रा, डॉ. अरुणा छापड़िया, डॉ. नेहल छापड़िया और डॉ. काजल के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया।

इसके बाद सहजनवां स्थित न्यू आदित्य अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया गया। लेकिन अन्य तीन सेंटरों पर कार्रवाई नहीं की गई। इसके विरोध में आदित्य अपनी पत्नी और साढ़े चार माह के बेटे के साथ डीएम कार्यालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठ गए। देर शाम सात बजे प्रशासनिक अफसरों ने आश्वासन देकर भूख हड़ताल खत्म कराई।  

 

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आरोप, दबाव में नहीं हो रही कार्रवाई

अभिषेक पांडेय का आरोप है कि सीएमओ ने मामले में केवल एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर कार्रवाई कर खानापूर्ति की है। जबकि तीनों सेंटर शहर के हैं, जो लगातार उसके बाद भी जांच कर रहे हैं। जबकि मेडिकल बोर्ड ने इन डॉक्टरों की गलती बताई है। ऐसे में इन पर कार्रवाई न होने से यह यह प्रतीत हो रहा है कि स्वास्थ्य विभाग दबाव में है।

आईएमए डॉक्टरों के साथ है खड़ा
डॉक्टरों के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे के विरोध में आईएमए एसएसपी से मुलाकात कर चुका है। वह चारों आरोपित डॉक्टरों के समर्थन में खुलकर सामने आ चुका है। अभिषेक का कहना है कि आईएमए की वजह से स्वास्थ्य विभाग अन्य तीन सेंटरों पर हाथ डालने से कतरा रहा है। इस मामले में डॉ. कॉजल ने अब तक स्वास्थ्य विभाग को जवाब तक नहीं दिया है।

सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा कि सहजनवां में न्यू आदित्य अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील किया जा चुका है। उनका लाइसेंस निलंबित है। अन्य दो सेंटरों के खिलाफ जांच की जाएगी। अगर लापरवाही मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा सेंटरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनके खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश स्वास्थ्य विभाग को दे दिया गया है। एक सेंटर पर कार्रवाई भी कराई गई है।
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