गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पीजी (परास्नातक) की 30 सीटें और बढ़ सकती हैं। यह सीटें अलग-अलग विभागों के होंगे। इन सीटों की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव प्राचार्य शासन के सामने पेश करेंगे। इसमें बीआरडी के मौजूदा संसाधनों का भी जिक्र होगा।
जानकारी के मुताबिक बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 500 बेड के बाल रोग चिकित्सा संस्थान और 200 बेड वाले सुपर स्पेशलिटी विंग को हैंड ओवर करने के बाद बेडों की संख्या कुल संख्या में 50 फीसदी की बढ़ोत्तरी हो गई है। मेडिकल कॉलेज में पहले 1200 बेड थे, जो अब बढ़कर 1900 हो गए हैं। जबकि मेडिकल कॉलेज में 28 विभाग है। इन विभागों में पीजी की 95 सीटें हैं।
इनमें से पीजी की 72 सीटों की मंजूरी स्थाई हो चुकी है। जबकि 23 सीट की अस्थाई मंजूरी पिछले साल मिली है। ऐसे में अगले तीन साल तक यह सीटें अभी अस्थाई ही रहेंगी। इन सबके बीच मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पीजी सीटों को बढ़ाने का फैसला लिया है। इनमें 30 नई सीटों के बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अगर प्रस्ताव शिकार होता है तो डॉक्टरों की कमरी मेडिकल कॉलेज में दूर हो जाएगी। इसके बाद हर साल 125 डॉक्टर मिलेंगे।