गोरखपुर शहर के जेल रोड स्थित मधुसूदन होम निवासी व करीब सौ वर्षीय लालजी पांडेय ने कोरोना से जंग जीत ली है। वह मूलरूप से बिहार के गोपालगंज के रहने वाले हैं, लेकिन अपने पुत्र के साथ गोरखपुर में रहते हैं। पुत्र रवींद्र नाथ पांडेय ने बताया कि पिता ने आयुष मंत्रालय की सलाह के हिसाब से काढ़ा का सेवन किया। भाप लिया और दूसरी सावधानियां बरतकर घर पर ही कोरोना को हरा दिया।
जानकारी के मुताबिक, 14 अप्रैल को कोरोना की जांच हुई तो सौ वर्षीय लालजी पांडेय और उनके बेटे रवींद्रनाथ पांडेय व उनका घरेलू नौकर संक्रमित पाए गए। बहू संक्रमित नहीं थी। लिहाजा, सेवा की पूरी जिम्मेदारी बहू पर आ गई। शहर के चिकित्सक डॉ ऋषभ गोयल ने टेलीफोन पर सलाह देते रहे। जरूरी प्रोटोकाल का पालन करते हुए अब वह ठीक हो गए हैं।
रवींद्र नाथ पांडेय ने बताया कि पिता लालजी पांडेय समय के पाबंद हैं। पहले कूल्हे का फ्रैक्चर था। एक वर्ष पहले ठीक हुए थे। रोजाना छड़ी या वाकर की सहायता से सुबह व शाम 45 मिनट टहलते हैं। नियमित रूप से योग करते हैं। वह दिसंबर में सौ वर्ष के हो जाएंगे, लेकिन पूरी तरह स्वस्थ हैं। अब कोरोना को भी पराजित कर दिया है।
पूरा परिवार उनका 100वां जन्म दिन मनाने के लिए उत्साहित हैं। पिता की प्रेरणा व जिजीविषा ने परिवार के दूसरे संक्रमितों को संबल प्रदान किया। दिल्ली में उच्च पदस्थ लालजी पांडेय के दूसरे बेटे सत्येन्द्र प्रकाश भी कोरोना संक्रमित रहे। होम आइसोलेशन में रहकर ही ठीक हो गए।