गोरखपुर जिला अस्पताल इमरजेंसी में तैयारी पहले से ही थी। मालूम भी था कि लाख समझाने पर भी लोग सुधरेंगे नहीं। हुआ भी यही। सुबह 8.40 बजे इमरजेंसी में होली का रंग दिखने लगा।
सहजनवां में चार लोग शराब के नशे में खुद ही दीवार में कार लेकर घुस गए थे और घायल होकर पहुंचे। डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार किया। एक की हालत गंभीर देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इसके बाद तो देर रात तक एंबुलेंस के आने जाने का सिलसिला चलता रहा। आलम यह रहा कि एक के जाते ही दूसरी एंबुलेंस आकर खड़ी हो जाती थी।
होली के दिन पुलिस की चौकसी चारों तरफ रही। लेकिन, सड़क पर मारपीट को एक हद तक पुलिस रोकने में सफल भी दिखी। गली-मोहल्लों की हुड़दंगई ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन को परेशान कर दिया। जिले भर से कोई मारपीट में घायल होकर अस्पताल पहुंचा तो कई खुद ही इतने नशे में आ गए कि गिरकर घायल हो गए।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में 38 लोग ऐसे पहुंचे थे, जिसे किसी ने न मारा था और न ही कोई वाहन से टकराए थे। यह वह लोग थे, जो राह चलते ही गिर गए या फिर घर में सीढ़ी से फिसल कर अस्पताल पहुंचे थे। ऐसे लोगों का प्राथमिक उपचार करने के बाद डॉक्टरों ने दवा देकर घर भेज दिया। परिजनों को हिदायत भी दी कि अब इनका ख्याल आप रखिएगा, घर से निकलने न पाए, जब तक की इनकी उतर न जाए।
- जिला अस्पताल में पहुंचे मरीजों की संख्या 136
- अस्पताल में भर्ती किए गए मरीजों की संख्या 26
- गंभीर हालत में मेडिकल रेफर किए गए 27
- मारपीट कर मेडिको लीगल कराने पहुंचे 45
- मामूली रूप से मलहम-पट्टी कराने आए 38
- मारपीट कर घायल होकर अस्पताल पहुंचे 45
- सड़क हादसे में घायल होकर पहुंचे 26
- मामूली रूप से हादसे में चोटिल हुए 38
- हादसे में सिर में चोट लगने से पहुंचे 27