इन स्कूलों ने शनिवार को शिक्षक, कर्मचारियों को बुलाया और काम लिया। स्कूल खुलने की सूचना पर ही सिटी मजिस्ट्रेट और डीआईओएस ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया द पिलर्स पब्लिक स्कूल सिविल लाइंस पहुंचे। जानकारी के मुताबिक प्रबंधन ने बहुत देर तक स्कूल का मुख्य द्वार नहीं खोला और मामले में हीलाहवाली करता रहा। जब कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई तो स्कूल का मुख्य दरवाजा खोला गया।
इसके बाद स्कूल प्रबंधक आरपी शाही को बुलाकर जवाब मांगा गया। इसपर प्रबंधक ने कहा कि आगे से विद्यालय नहीं खुलेगा। किसी शिक्षक को नहीं बुलाया जाएगा। तब जाकर मामला शांत हो सका। इसी तरह सहारा इस्टेट परिसर स्थित एचपी चिल्ड्रेन एकेडमी के भी खोले जाने की शिकायत खोराबार पुलिस तक पहुंची।
आरोप है कि कोरोना वायरस की दहशत के बीच एचपी चिल्ड्रेन एकेडमी को लगातार खोले रखा गया है। कठिन चुनौती है, फिर भी दाखिला प्रक्रिया जारी है। इससे शिक्षक, कर्मचारी परेशान हैं। कुछ शिक्षकों ने महिला प्रिंसिपल पर उत्पीड़न का आरोप लगाया और कहा कि जब भी छुट्टी रहती है, स्कूल बुला लिया जाता है।
विरोध में नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। अभिभावक और विद्यार्थियों से भी प्रिंसिपल का व्यवहार ठीक नहीं है। सरकार ने दो अप्रैल तक सब कुछ बंद रखने का ऐलान किया है लेकिन एचपी स्कूल प्रबंधन ने 2 अप्रैल को ही स्कूल खोलने का नोटिस चस्पा किया है।
सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने कहा कि पिलर्स स्कूल के खुलने की शिकायत मिली थी। आरोप था कि शिक्षक, कर्मचारियों को बुलाया गया है। पुलिस कर्मियों ने जाकर प्रबंधतंत्र से बात की और स्कूल बंद हो गया।
सहारा इस्टेट एचपी चिल्ड्रेन एकेडमी प्रबंधक टीपी शाही ने कहा कि स्कूल नहीं खोला गया था। शिकायत निराधार है। कोरोना से सब सावधान हैं। ऐसी स्थिति में स्कूल खोलने का सवाल ही नहीं उठता है। पुलिस के पहुंचने की सूचना नहीं है।