चर्चा है कि (बाएं) मादा लकड़बग्घा चमेली। (दाएं) इसी नवजात हाइना के मौत की चर्चा है।
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चिड़ियाघर में लकड़बग्घे के बच्चे की मौत का सही कारण अब तक सामने नहीं आ सका है। निदेशक एच राजामोहन का कहना है कि मौत की वजह सामने लाने के लिए जांच कराई जाएगी। सोमवार को यहां यहां गैंडे के बाड़े के अंदर और बाहर की तरफ मिट्टी पड़ी नजर आई। दो तीन लोग गैंडे के बाड़े के आसपास खड़े थे। पूछने पर बताया कि वे जू कीपर हैं। मिट्टी पर किसी तरह का तिरपाल या टाट नहीं पड़ा था। इसे खुले में रखा गया था।
दरअसल, चिड़ियाघर में गैंडे के बाड़े को ऊंचा किया जा रहा है। बुधवार रात में इसी काम के लिए एक ट्रक मिट्टी लाई गई थी। प्रबंधन के लोगों ने लापरवाही करते हुए ट्रक को रात डेढ़ बजे अंदर प्रवेश करवा दिया।
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हालांकि, दावा किया जा रहा है कि बिना अनुमित के ही ट्रक अंदर आ गया था। चर्चा है कि इसी ट्रक के आने से कंपन होने की वजह से बाड़े में अंदर बैठे लकड़बग्घे ने अपने नवजात को बचाने का प्रयास किया, लेकिन यही जानलेवा हो गया।
निदेशक एच राजामोहन का कहना है कि बाड़े के अंदर काम कराया जा रहा है। मिट्टी या अन्य किसी भी बाहरी सामान के लिए चिड़ियाघर की गाइडलाइंस को फॉलो करना जरूरी है। अगर लापरवाही मिली तो कार्रवाई भी की जाएगी।