गोरखपुर में पनेशिया हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ कोरोना मरीज की मौत के बाद परिजनों को शव देने के बदले एक लाख 20 हजार रुपये मांगने का आरोप लगा है। मामले की शिकायत डीएम तक पहुंची, तब जिला प्रशासन ने परिजनों को शव दिलवाया।
जानकारी के मुताबिक, जटेपुर उत्तरी काली मंदिर के रहने वाले एक एक युवक ने बताया कि पिता की तबीयत खराब थी। कोरोना जांच कराई गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। इसके बाद छात्रसंघ चौराहा स्थित पनेशिया हॉस्पिटल ले गए। वहां पर बीते 22 अगस्त को 50 हजार रुपये जमा कराए गए। इसके बाद इलाज शुरू हुआ।
बताया कि इस बीच रिश्तेदारों से उधार लेकर दो लाख रुपये जमा कर दिए। 23 अगस्त की देर रात पिता की मौत हो गई। मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने शव देने से पहले एक लाख 20 हजार रुपये की मांग की। इसके बाद डीएम से शिकायत की गई। तब जिला प्रशासन ने परिजनों को शव दिलवाया।
आरोप को बताया बेबुनियाद
पनेशिया अस्पताल के डॉ. अजय शुक्ला ने बताया कि कोविड मरीज के इलाज में जितने रुपये खर्च हुए थे, उसी की मांग की गई थी। अतिरिक्त एक भी रुपये नहीं मांगे जा रहे थे। अस्पताल में कोविड मरीजों पर कितने रुपये खर्च हो रहे हैं, इसका चार्ट भी लगा है। मरीजों को पहले ही इसकी जानकारी भी दे दी जा रही है। ऐसी स्थिति में जितनी मदद संभव है, की जा रही है। शव के बदले रुपये मांगने की बात पूरी तरह से गलत है।