सत्तू के पराठे, सत्तू की कचौड़ी और सत्तू को घोल बनाकर पानी में जरूर पिया होगा। ये ना केवल स्वाद में बेहतरीन रहता है बल्कि गर्मी के मौसम में आपको ठंडक भी देता है। लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि सत्तू डायबिटीज पेशेंट के लिए भी लाभकारी होता है। बस इसका कैसे और किस मात्रा में इस्तेमाल करना है इस बात की जानकारी होना आपके लिए जरूरी है। जानिए गोरखपुर जिला चिकित्सालय के डॉक्टर राजेश कुमार से कि सत्तू को किस तरह से शुगर पेशेंट के ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित कर सकते हैं...
डॉक्टर ने बताया कि कि ब्लड शुगर लेवल अगर नियंत्रण में ना हो तो उससे शरीर के कई हिस्सों में दिक्कत शुरू हो जाती है। इससे आंख, किडनी और त्वचा पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इसी वजह से डायबिटीज मरीजों को अपने खानपान को ठीक रखने की सलाह दी जाती है। अगर आपका भी ब्लड शुगर लेवल सामान्य से अधिक है तो आपने खाने में सत्तू का इस्तेमाल करें। सत्तू शुगर लेवल को नियंत्रण करने में मददगार साबित होगा।
डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया कि डायबिटीज मरीजों के लिए सत्तू बहुत लाभकारी होता है। सत्तू में बीटा ग्लूकेन मौजूद होता है जो शरीर में बढ़ते ग्लूकोज के अवशोषण को कम करने में मदद करता है। लिहाजा खून में ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण करने में मदद मिलती है।
मधुमेह के रोगी दिन में एक गिलास सत्तू को पानी में मिलाकर पिएं। इससे कुछ ही दिनों में असर दिखने लगेगा। इस बात का ध्यान रखें कि एक दिन में एक गिलास से ऊपर सत्तू का पानी ना पिएं। ऐसा करने से एसिडिटी और पेट में दर्द जैसी समस्याएं होने लगती हैं।