होम आइसोलेट हुए अलक्षणिक मरीजों की आइसोलेशन का समय पूरा होने पर दोबारा जांच नहीं कराई जाएगी। यह जानकारी गोरखपुर सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने दी है। उन्होंने बताया कि शासन से दिशा निर्देश मिलने के बाद यह निर्णय लिया गया है।
मरीज जब दस दिन होम आइसोलेट रह कर स्वस्थ हो जाएगा और दस दिनों के बाद तथा तीन दिन पहले यदि बुखार नहीं आता है तो अगले सात दिनों तक उसे घर पर ही रखा जाएगा और स्वास्थ्य संबंधित स्क्रीनिंग के पश्चात ही कोरोना मुक्त घोषित किया जाएगा। ऐसे लोगों के दोबारा कोरोना जांच की आवश्यकता नहीं है।
सीएमओ ने बातया कि अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने शासन स्तर से अलक्षणिक कोरोना मरीजों के लिए दिशा निर्देश दिए हैं। निर्देशों के मुताबिक आइसोलेट सुविधा चुनने की स्वतंत्रता है। बताया कि होम आइसोलेशन के दौरान अगर मरीज को सांस लेने में कठिनाई, शरीर में ऑक्सीजन की कमी, सीने में लगातार दर्द या भारीपन होना, मानसिक भ्रम की स्थिति अथवा सचेत होने में असमर्थता, बोलने में समस्या, चेहरे या किसी अंग में कमजोरी, होठों या चेहरे पर नीलापन जैसे लक्षण दिखते हैं तो देखभाल करने वाला व्यक्ति तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करेगा और उसकी तत्काल मदद की जाएगी।
बताया कि ऐसा नहीं है कि स्वास्थ्य विभाग होम आइसोलेटेड व्यक्ति पर नजर नहीं रखेगा। शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार होम आइसोलेशन में उपचाराधीन कोविड मरीजों को पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मा मीटर, मॉस्क, ग्लब्स, सोडियम हाइपोक्लोराइड साल्यूशन और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीजें खुद खरीदनी होंगी।