कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
होम आइसोलेट में भर्ती मरीजों के परिजनों को संक्रमण से बचाने के लिए खुद ही इंतजाम करने होंगे। इस दौरान निकलने वाले बॉयोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए मरीजों को एक थैला और हाइपोक्लोराइट खरीदना होगा, ताकि उनके परिजनों का संक्रमण से बचाव किया जा सके।
जानकारी के मुताबिक, जिले में अलाक्षणिक मरीजों की संख्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में ये मरीज भी होम आइसोलेट हो रहे हैं। अब तक जिले में करीब 200 से अधिक मरीज होम आइसोलेट हो चुके हैं।
परिजन संक्रमण का शिकार न हो जाएं, इसलिए मरीज के घर में रहने के दौरान निकलने वाले बॉयोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की जिम्मेदारी उनकी खुद की होगी। इसके लिए मरीज वेस्ट को थैले में हाइपोक्लोराइट डालकर कम से कम 20 मिनट तक रखेंगे।
इस थैले को ऐसी जगह रखना होगा, जहां धूप आती हो। 72 घंटे के अंदर वायरस खत्म हो जाएगा। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि होम आइसोलेट मरीजों के वेस्ट की जिम्मेदारी खुद ही निभानी होगी। सावधानी पूर्वक हाइपोक्लोराइट का इस्तेमाल करके वेस्ट का निस्तारण करना होगा।