इस संबंध में चिकित्सा इकाईयों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये गये हैं कि पुराने स्टॉक को प्राथमिकता के आधार पर वितरित करवाया जाए। इसके अलावा भविष्य में राज्य स्तर से प्राप्त एक ही प्रकार के निःशुल्क गर्भनिरोधक साधन को उपकेंद्र स्तर की चिकित्सा इकाईयों के साथ सभी शहरी और ग्रामीण आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से लाभार्थियों तक पहुंचाया जाए।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि परिवार नियोजन कार्यक्रमों में शहरी क्षेत्र में पापुलेशन इंटरनेशनल सर्विसेज (पीएसआई) और जिला स्तर पर उत्तर प्रदेश टेक्निकल सपोर्ट यूनिट (यूपीटीएसयू) द्वारा स्वास्थ्य विभाग को सहयोग प्रदान किया जाता है।
इनके माध्यम से भी फीडबैक मिलता है। चिकित्सा इकाईयों के अधिकारियों से कहा गया है कि वह शासन की नवीन पहल के बारे में मासिक समीक्षा बैठक में आवश्यक तौर पर समीक्षा करेंगे। जिला स्तर पर एसीएमओ आरसीएच डॉ. नंद कुमार इस योजना की सफलता की समीक्षा करेंगे।