बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में सोमवार को शहर में लगभग दो सौ स्थानों पर स्थापित होलिका जलाई गई। मध्यरात्रि पूजन-अर्चन के बाद शुभ मुहूर्त में लोगों ने होलिका में आग लगाई।
इसके बाद होलिका जल उठी। लोगों ने एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुरुआत की। शिव भजन से शुरू हुआ कार्यक्रम जब परवान चढ़ा तो जोगिरा ने माहौल में मस्ती घोल दी।
शहर में होलिका दहन के पूर्व मोहल्ले के लोग अपने घरों के आसपास के शिव मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर ढोल-मजीरे के साथ एकत्रित हुए और भजन व होली के गीत गाए।
इसके बाद टोलियां होलिका दहन स्थलों पर होली गीत गाते हुए पहुंचीं। होलिका दहन के दौरान लोगों ने एक-दूसरे अबीर-गुलाल भी लगाए। डीजे पर बज रहे होली गीतों पर लोगों को थिरकते देखा गया।