अमर उजाला द्वारा नेपाल लाज 38 में आयोजित होली मिलन समारोह में होली की बधाई देती महिलाएं और युवतियां
- फोटो : अमर उजाला।
अमर उजाला की ओर से ''रंग बरसे...होली है'' होली महोत्सव का आयोजन रविवार को निपाल लॉज में हुआ। जहां, रंग बरसे भीगे चुनरवाली... सहित अन्य फाग गीतों पर बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने फूलों की होली खेलकर जश्न मनाया। पूरे कार्यक्रम के दौरान रह रहकर उड़ते अबीर और गुलाल के बीच लोगों ने कजरी, गजल, होली गीत और नृत्य प्रस्तुत कर पूरे माहौल को खुशनुमा बनाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि निपाल लॉज के अध्यक्ष विकल्प त्रिपाठी और रितु त्रिपाठी ने किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षिका तनु शर्मा ने सखी हो सावन बहुत सुहावन, मनवा नाचन लगा मोर... कजरी सुनाकर किया। स्नेहिल नारी संस्थान की अध्यक्ष रंजना सिन्हा ने... होलिया में उड़े रे गुलाल... गीत सुनाकर माहौल को खुशनुमा बनाया।
इसके बाद मंच पर आईं वर्तिका ने होली आई रे कन्हाई..., आराधना तिवारी ने होली खेले रघुवीरा अवध में... गीत सुनाकर पूरे कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान की। इंदिरा ने लोकगीत सिर पर ह मटकिया धईले... के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। संजय गुप्ता ने अभी न जाओ छोड़कर..., सविता वर्मा ने कविता नींद से जागते ही, सूरज के साथ मिलने का पैगाम... सुनाकर वाहवाही लूटी।
उसके बाद मंच पर आईं श्रेयांशी ने बॉलीवुड गीत गजब का है दिन... गीत और अमृता ने जी चाहता है पंख नहीं उड़ाने मिले... कविता सुनाई। उसके बाद मंच पर आए रेडियो जॉकी, संचालक अनुराग और दीप्ती ने होली खेले रघुबीरा...और मौसम है रंगों का दिल में उमंगों का...गीत के माध्यम से सुरों की ऐसी तान छेड़ी की सभी मंच पर आकर होली की खुमारी में खो गए।
समाचार पत्र वितरक संजय गुप्ता ने ओ कान्हा अब तो सुना दो मुरली की तान... तो संजना ने बलम पिचकारी... गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में जान फूंकी। कार्यक्रम में निपाल लॉज के सचिव आलोक श्रीवास्तव, वरिष्ठ सदस्य गंगा दयाल श्रीवास्तव, डॉ. राय अजय कुमार के साथ समाचार पत्र वितरक भी परिवार के साथ शामिल हुए।