आजादी का उत्सव रेलवे में भी धूमधाम से मनाया गया था। पूर्वोत्तर रेलवे में 15 अगस्त 1947 को गोरखपुर महाप्रबंधक कार्यालय के सामने झंडारोहण किया गया था। रेलवे स्टेशन से चलने वाली सभी ट्रेनों में तिरंगा लगाया गया था।
पूर्वोत्तर रेलवे उस समय अवध तिरहुत रेलवे के नाम से जाना था। तब महाप्रबंधक के स्थान पर एजेंट हुआ करते थे। जब स्वतंत्रता मिली तो उस समय अवध तिरहुत रेलवे के एजेंट अंग्रेज थे। जिन्होंने झंडारोहण किया था।
उस समय पूर्वोत्तर रेलवे में मीटर गेज यानी छोटी लाइन थी। भाप के इंजन से ट्रेनें चलती थीं। रेलवे के जानकार बताते हैं कि वर्ष 1885 में महाप्रबंधक कार्यालय बनकर तैयार हो गया था। स्वतंत्रता दिवस के दिन रेलवे कर्मचारियों ने स्वत: अपने दफ्तरों को सजा दिया था। हर तरफ तिरंगा ही तिरंगा नजर आ रहा था, रेलकर्मी एक-दूसरे को लड्डू और बताशा खिला रहे थे।
गजब का था उत्साह
एनई रेजवे मजदूर यूनियन के 106 वर्ष के महामंत्री केएल गुप्त बताते हैं, आजादी के दिन सड़कों पर जबरदस्त उत्सव था। उत्सुकता वश अपने दोस्तों के साथ मैं भी इस उत्सव में शरीक हुआ। गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर लड्डू और बताशे बंट रहे थे। कोई पटाखा फोड़ रहा था तो कोई भारत मां के जय के नारे लगा रहा था।