पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में मैलानी-नानपारा रेलखंड की 170 किलोमीटर लंबी लाइन मीटर गेज की है। यह लाइन दुधवा नेशनल पार्क होकर जाती है, जो कि विश्वस्तरीय पार्क है। यह पर्यटकों के लिए बेहद मुफीद है। इस पर बड़ी लाइन का काम भी नहीं होना है। इस रेल लाइन का संरक्षित भी कर दिया है। किताब में इस बात भी जिक्र किया गया है।
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किताब की होगी ब्रांडिंग, ऑनलाइन बेचने की तैयारी में पूर्वोत्तर रेलवे
पूर्वोत्तर रेलवे की 150 पेज की छोटी लाइन नाम की इस किताब की पूर्वोत्तर रेलवे ब्रांडिंग भी करेगा। इसे ऑनलाइन बेचा जाएगा, जिससे की लोगों को पूर्वोत्तर रेलवे के इतिहास और 2024 तक होने वाले विजन की पूरी जानकारी हो सके। हालांकि अभी किताब के रेट तय नहीं किए गए हैं। लोकार्पण के समय रेट तय होने की उम्मीद है। इस किताब को पूर्वोत्तर रेलवे के हर रेलवे स्टेशन के बुक स्टाॅल पर रखा जाएगा। साथ ही म्यूजियम की भी यह किताब शोभा बढ़ाएगी।
पूर्वोत्तर रेलवे सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे के इतिहास और वर्तमान को ध्यान में रखते हुए किताब तैयार कराई गई है। 150 पेज के इस किताब का नाम छोटी लाइन दिया गया है। क्योंकि, पूर्वोत्तर रेलवे की शुरुआत छोटी लाइन से हुई थी। इस जोन के अंदर एक भी बड़ी लाइन उस वक्त नहीं थी। जबकि, उस वक्त मेन रूट पर दिल्ली-हावड़ा, दिल्ली-मुंबई पर बड़ी लाइन थी। किताब पूरी तरह से बनकर तैयार हो गई है, जिसका जल्द ही लोकार्पण होगा।