अब शहर की सड़कों पर गंदगी नहीं दिखेगी। कूड़ेदान भरते ही नोडल अफसर के पास अलर्ट मैसेज आने लगेगा। इससे तत्काल उस कूड़ेदान को खाली कराया जा सकेगा। इस हाईटेक सुविधा के लिए नगर निगम ने सेंसरयुक्त कूड़ेदान लगाने का निर्णय लिया है। फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम शहर में 10 प्रमुख स्थानों पर सेंसरयुक्त कूड़ेदान लगाएगा।
नगर निगम ने शहर को कूड़ामुक्त और साफ-सुथरा बनाने की योजना तैयार की है। इसके लिए दस करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत शहर के प्रमुख 10 स्थानों पर सोलर सेंसरयुक्त स्मार्ट भूमिगत कूड़ेदान लगेंगे। सभी ब्लूटूथ के जरिए अधिकारियों के मोबाइल फोन से जुड़ेंगे। कूड़ेदान भरते ही अधिकारियों के पास संदेश आने लगेगा। इसके बाद वाहन भेजकर उसे खाली कराया जाएगा। फिलहाल स्मार्ट कूड़ेदान के लिए बाजार, प्रमुख चौराहों पर स्थान तलाशा जा रहा है।
सीएनजी वाहन भी खरीदे जाएंगे
वाणिज्यिक क्षेत्रों से कूड़ा उठाने के लिए सीएनजी वाहन भी खरीदे जाएंगे। सोलर सेंसरयुक्त कूड़ेदान लगाने वाली कंपनी ही तीन साल तक इसका रखरखाव करेगी। इसके अलावा 40 लाख रुपये से हाथ ठेला खरीदने की योजना है। स्वच्छता की अलख जगाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन नगरीय 2.0 के तहत प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट का गठन किया जाएगा। इस पर ढाई करोड़ रुपये खर्च होंगे।