गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे में संरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चार रेलकर्मियों को ''''''''सेफ्टी स्टार ऑफ द मंथ'''''''' से पुरस्कृत किया गया। महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने बुधवार को चारों कर्मियों को नकद एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
सम्मानित होने वाले रेलकर्मियों ने अपनी सूझबूझ से रेल हादसा होने से बचाया है। लखनऊ मंडल के शोहरतगढ़ स्टेशन पर कांटावाला पद पर कार्यरत बद्री विशाल दुबे ने 25 दिसंबर 2025 को 15009 गोरखपुर-मैलानी एक्सप्रेस को स्टेशन पर आते देखा कि वाटरिंग पाइप प्लेटफॉर्म से रगड़ खाते हुए जा रही है। इसकी सूचना उन्होंने स्टेशन मास्टर को दी जिसके बाद गाड़ी को बढ़नी स्टेशन पर सुरक्षित किया गया।
वाराणसी मंडल के वाराणसी स्टेशन पर गाड़ी प्रबंधक, माल के पद पर कार्यरत योगेंद्र सिंह ने सात दिसंबर, 2025 को कार्य के दौरान प्लेटफाॅर्म संख्या-एक पर पटरी टूटी देखी। इसकी सूचना उन्होंने तत्काल स्टेशन मास्टर, वाराणसी को दी। इससे रेल हादसे को रोका जा सका। इसके अलावा वाराणसी मंडल के बनारस कोचिंग डिपो में तकनीशियन के पद पर कार्यरत सर्वेश तिवारी ने 04 दिसंबर 2025 को 12559/60 के अनुरक्षण के दौरान यान संख्या 223648 में एयर स्प्रिंग में बैलोज से लीकेज एवं स्प्रिंग में प्रेशर कम पाया। इसकी सूचना तत्काल अपने पर्यवेक्षक को दी। पर्यवेक्षक ने कोच को रेक से डिटैच कराया।
इज्जतनगर मंडल पर सीनियर सेक्शन इंजीनियर, रेलपथ, बदायूं के अधीन ट्रैक मेंटेनर देवेंद्र कुमार ने 31 दिसंबर, 2025 को कार्य के दौरान सोरो यार्ड-मानपुर नगरिया के मध्य बाईं तरफ की रेल टूटी हुई देखी और तत्काल रेलपथ को संरक्षित एवं सुरक्षित करते हुए इसकी सूचना रेलपथ पर्यवेक्षक को दी। इससे दुर्घटना को रोका जा सका।