दुकान से ही पूरे परिवार का पेट पाल रहे थे। वहीं खत्म हो गया तो अब क्या बचा है। आगे जिंदगी कैसे चलेगी, यह संकट है। अब प्रशासन और सरकार को हम लोगों की मदद करनी चाहिए।
सरकार को मदद करना चाहिए
दुकानदार रविंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि हम लोगों का कुछ भी नहीं बचा है। सब कुछ खत्म हो गया है। अब सरकार से ही उम्मीद है, बिना सरकार के आर्थिक मदद के संभव ही नहीं है कि हम लोग दोबारा खड़े हो सकें।
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सुबह ही फोन आया, अलमारी पहुंचा दो
प्रवीण शर्मा ने कहा कि आग की खबर सबको लग गई है, लेकिन ग्राहक अपना कुछ भी नहीं छोड़ना चाहते हैं। एक फोन सुबह ही आया कि अभी तक अलमारी नहीं आई, 12 बज गए। फिर उन्हें बताया तो हिसाब बताने लगे।
मदद चाहिए, यादे भी मिट गई
गिरजा देवी ने कहा कि दुकान पति के समय से थी। बहुत सी यादे भी जुड़ी थीं। अब सबकुछ खत्म हो गया। सरकार को मदद करना चाहिए। हम लोगों के पास अब कुछ नहीं बचा है। जो कुछ था खत्म हो गया है।
फिर मिल जाए दुकान
आलोक चंद कौशिक ने कहा कि दुकान को लेकर लंबे समय से मकान मालिक से विवाद चल रहा है। अब तो सब खत्म हो गया। यही एक मांग है कि प्रशासन हम लोगों की दुकान को फिर से बसा दे तो मेहनत जीवन फिर पटरी पर आ जाए।