गोरखपुर में कोविड टीकाकरण में फ्रंट लाइन वर्कर रुचि नहीं दिखा रहे हैं। ऐसे में विभाग अब फ्रंट लाइन वर्करों को टीकाकरण के फायदे समझाएगा। इसे संबंध में सीएमओ डीएम से वार्ता भी करेंगे जिससे कि टीका लगवाने के लिए फ्रंट लाइन वर्कर आगे आएं। अब तक दो दिनों के अंदर केवल 41 फीसदी स्वास्थ्य कर्मी ही टीका लगवाने के लिए आगे आए हैं। इसकी वजह से करीब 27 प्रतिशत वैक्सीन बर्बाद हो गई है।
जिले में करीब 10 हजार पुलिसकर्मी, साढ़े तीन हजार के करीब पंचायती राज विभाग के कर्मी, नगर निगम में साढ़े तीन हजार कर्मी, राजस्व व अन्य विभागों के करीब तीन हजार कर्मियों को वैक्सीन लगाई जानी है। इनमें 11 फरवरी को लक्ष्य 3859 के सापेक्ष 1555 लोगों ने टीका लगवाया था। कुल प्रतिशत 40.3 रहा।
12 फरवरी को 6022 लोगों के सापेक्ष 2554 लोगों ने टीकाकरण कराया। यहां टीकाकरण का कुल प्रतिशत 42.4 रहा है। इसके बाद से विभाग के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। सभी विभागों के कर्मी टीका लगवाने में पीछे हट रहे हैं। ऐसे में विभाग ने यह फैसला लिया है कि अब फ्रंट लाइन वर्करों को टीका लगवाने के लिए समझाया जाएगा। क्योंकि 18 फरवरी को बचे हुए फ्रंट लाइन वर्करों को टीका लगाया जाएगा।