कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य महकमा लापरवाही बरत रहा है। आइसोलेशन वार्ड में भर्ती संदिग्ध मरीज का सैंपल 20 घंटे बाद जांच के लिए बीएचयू भेजा गया। इसकी जानकारी होने पर सीएमओ ने जिम्मेदारों को फटकार लगाया तो आनन-फानन में चपरासी सैंपल लेकर चालक के साथ वाराणसी के लिए रवाना हुआ।
लार इलाके में ओमान से आए एक व्यक्ति बुखार से पीड़ित है। संदेह के आधार पर युवक को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रविवार को भर्ती किया गया। शाम को ही इसका सैंपल रैपिड रेस्पांस टीम ने लिया। जांच के लिए सैंपल लेकर बीएचयू जाना था।
इसके लिए एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई थी कि रविवार की शाम ट्रेन से सैंपल लेकर बीएचयू के लिए रवाना होगा, लेकिन डर के कारण शाम को अचानक कर्मचारी सैंपल लेकर जाने से मना कर दिया। पूरी रात उसी तरह सैंपल पड़ा रहा।
सुबह सीएमओ डॉ. आलोक कुमार पांडेय को जानकारी हुई तो वह भड़क गए। जिम्मेदारों को फोन कर खरी खोटी सुनाए और अविलंब सैंपल भेजने का निर्देश दिया। इसको लेकर सुबह एक घंटे तक सीएमओ कार्यालय में कर्मचारी परेशान नजर आए।
इसके बावजूद डर की वजह से कोई कर्मचारी सैंपल लेकर जाने को तैयार नहीं हो रहे थे। काफी समझाने के बाद चपरासी भरत और चालक संजय बोलेरो से सैंपल लेकर बीएचयू के लिए रवाना हुए। इस बाबत प्रभारी सीएमओ डॉ. डीबी शाही ने बताया कि सैंपल बाक्स में सुरक्षित था। रात को ही उसे लैब तक पहुंचा देना चाहिए था। यह कर्मचारियों की लापरवाही है। सुबह दो कर्मचारियों को सैंपल लेकर बीएचयू भेजा गया है।