मृतक पुरूषोत्तम की फाइल फोटो. होटल पहुंचे रोते बिलखते परिजन
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वॉटर वेज रेस्टोरेंट में आग से जान गंवाने वाले पुरुषोत्तम के बेटे का शनिवार को जन्मदिन था। वह तीन दिन पहले छुट्टी पर गए थे लेकिन शुक्रवार को उनको लौटना पड़ा। एक दिन बाद ही आग ने उनकी जिंदगी छीन ली।
बेटे अनूप ने बताया कि सहजनवां के बरईपार स्थित पैतृक जमीन को चाचा ने बेच दी थी।
इसको देखते हुए पूरा परिवार बलरामपुर के तुलसीपुर में ननिहाल में रहने लगा। नानी की तबीयत अक्सर खराब रहने के कारण पूरा परिवार वहीं जमीन लेकर रहने लगा। पिता पांच साल से रामगढ़ताल स्थित होटल में काम करते थे। तीन दिन पहले छुट्टी लेकर घर आए थे।