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ध्वस्तीकरण : आवास विकास कॉलोनी के लोग सीएम से करेंगे फरियाद

Fri, 29 May 2026 02:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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गोरखपुर। बेतियाहाता स्थित उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की कॉलोनी में मकानों पर मंडरा रहे ध्वस्तीकरण के संकट के बीच प्रभावित भवन स्वामियों को अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री 31 मई को गोरखनाथ मंदिर परिसर में प्रभावित आवंटियों की पीड़ा सुनेंगे। साथ ही भवनस्वामी कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाने की तैयारी में हैं।
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इस मुलाकात से प्रभावित आवंटियों एवं अपनी जमीन के लिए पिछले 44 वर्षों से कानूनी लड़ाई लड़ रहे 17 भवन स्वामियों को जल्द समाधान मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
विवाद को लेकर कॉलोनी में रहने वाले परिवारों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार को ध्वस्तीकरण का विरोध करने पर कटर मशीन उपलब्ध न होने के कारण की बात कहकर कार्रवाई करने पहुंची टीम लौट गई, लेकिन कई परिवारों के आशियाने पर संकट अब भी बरकरार है। प्रभावित आवंटी पूरे मामले में परिषद की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं और न्यायालय में अपील के साथ मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
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जानकारी के मुताबिक, बेतियाहाता में उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने जिस जमीन पर स्वामित्व नहीं था, उसी पर मकानों का निर्माण कर आवंटन कर दिया। सरकारी संस्था पर भरोसा करते हुए लोगों ने भवन संख्या एक से 11 तथा भवन संख्या 52 का आवंटन लिया। परिषद ने वर्ष 1983-84 में मकानों का आवंटन किया और 1986 में लोगों को कब्जा सौंप दिया।
हालांकि वर्ष 1999 में अदालत का फैसला परिषद के खिलाफ आया। अदालत ने माना कि जमीन श्याम सुंदर सराफ समेत अन्य लोगों की है। इसके बावजूद परिषद ने अदालत के आदेश को दरकिनार करते हुए वर्ष 2002 में इन मकानों को फ्रीहोल्ड भी कर दिया। अब जब भवनों पर ध्वस्तीकरण की तलवार लटक रही है, तब परिषद की ओर से प्रभावित आवंटियों की कोई सुनवाई नहीं हो रही।
बेतियाहाता वार्ड के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने बताया कि आवास विकास परिषद की ओर से यह कार्य ठीक नहीं किया गया है। पीड़ित 31 मई को गोरखनाथ मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्या बताएंगे।
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बोले लोग
सभी औपचारिकताएं निभाने के बाद हम लोग यहां इस भवन में निवास कर रहे हैं। अचानक घर के सामने बुलडोजर खड़ा कर देना यह ठीक नहीं है, न्याय नहीं है।
- उषा त्रिपाठी

बिना किसी पूर्व सूचना के हम सब को बेघर करने का कार्य ठीक नहीं है। हमें जानकारी ही नहीं थी। इसके लिए हम आगे की लड़ाई लड़ेंगे।
-डॉ. दुर्गेश गुप्ता
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