गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के हॉस्टल में मारपीट की घटना के बाद विवि प्रशासन भी हरकत में आ गया है। आरोपी को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि शिवांश पांडेय पर हमले के बाद आरोपी आशीष कुमार गार्ड के पास गया और उससे कहा-मैंने उसको पीटा है, बचा लो वरना मर जाएगा। इसके बाद गार्ड और अन्य छात्र उसे एम्स में लेकर गए।
जानकारी के अनुसार, आशीष और शिवांश प्रवेश के बाद से एक ही कमरे में रहते थे। दोनों में शुरू से ही विवाद होता था। दोनों एक-दूसरे के साथ रहने को तैयार नहीं थे। उनमें पहले भी बहस होती रहती थी। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि इस संबंध में कभी लिखित शिकायत छात्रों की ओर से नहीं आई थी। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की रात शिवांश ने आशीष पर जाति को लेकर कुछ कमेंट किया, जिसके बाद वह बौखला गया। दोनों में पहले बहस हुई। इसके बाद शांत हुए और शिवांश सोने चला गया।
वहीं, आशीष कमरे से बाहर गया। हॉस्टल के बाहर निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं से आशीष ईंट लेकर आया। शिवांश जब सो रहा था तो उसने उसके सिर पर वार कर दिया। उसने कई जगह वार किए। अचानक हमले की वजह से वह कुछ समझ नहीं पाया। शिवांश की हालत बिगड़ती देख डर लगा तो जाकर गार्ड को जानकारी दी। आशीष ने गार्ड को बताया कि उसने शिवांश को पीट दिया है। काफी चोट लग गई है। उसे जल्द अस्पताल लेकर जाएं वरना उसकी मौत हो सकती है। घटना के बाद से परिसर में इसे लेकर चर्चाएं हो रही हैं।
अनुशासनात्मक समिति कर रही जांच
मामला सामने आने के बाद विवि प्रशासन ने इसकी जांच शुरू कर दी है। अनुशासनात्मक समिति को जांच सौंपी गई है। विवि प्रशासन ने पहले ही आरोपी छात्र को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया है। चर्चा है कि संस्थान से निष्कासन तक की कार्रवाई की संस्तुति की जा सकती है। अधिष्ठाता छात्र मामले और चीफ वार्डन प्रो. जय प्रकाश ने बताया कि छात्र अभी खतरे से बाहर है। अभिभावकों के आने तक गार्ड एम्स में घायल के साथ थे। आरोपी छात्र को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। अनुशासनात्मक कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को प्रॉक्टोरियल बोर्ड की बैठक है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।