गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से छात्रसंघ की राजनीति की शुरुआत करने वाले शिव प्रताप शुक्ल अब तेलंगाना के राज्यपाल होंगे। शिव प्रताप तीन साल से हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इस दौरान वे लगातार अपने गृह जनपद आते रहे और अपने शुभचिंतकों और करीबियों से मिलते-जुलते रहे।
जनपद के खजनी क्षेत्र के रुद्रपुर गांव निवासी शिव प्रताप शुक्ल ने अपने राजनीतिक जीवन की बारीकियां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से सीखी। 1975 में आपातकाल के दौरान मीसा के तहत गिरफ्तार किए गए। लोकतंत्र रक्षक सेनानी के रूप में 19 महीने तक जेल में बंद रहे शिव प्रताप के पास सरकार और संगठन दोनों का लंबा अनुभव है। वह 1989 में पहली बार भाजपा के टिकट पर गोरखपुर शहर से विधायक चुने गए। उसके बाद 1991, 1993 और 1996 में लगातार चुनाव जीते। इस दौरान वे तीन बार प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे।
इसके बाद लंबे समय तक भाजपा के प्रदेश संगठन में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। वह वर्ष 2016 में भाजपा से राज्यसभा सांसद बने। उस दौरान बाद 2017 से 2019 तक केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री भी रहे। 18 फरवरी 2023 को हिमाचल प्रदेश के 29वें राज्यपाल के रूप में उन्होंने शपथ ली थी। शिव प्रताप शुक्ल की इस उपलब्धि पर उनके करीबियों में खासा उत्साह है। परिवार के साथ ही कुछ लोग उनके शपथ ग्रहण में भी जाने की योजना बना रहे हैं।