सुशील की तहरीर पर केस दर्ज किया गया था। इस घटना में भी दरोगा धर्मेंद्र यादव व तीन अन्य शामिल थे। आरोपी दरोगा ने कबूल किया कि शैलेश यादव और दुर्गेश अग्रहरि मुखबिरी करते थे और फिर वह वारदात को अंजाम देता था। इसी तरह से महराजगंज से व्यापारी के आने की सूचना मिली थी।
पता चला था कि व्यापारी के पास कोई कागजात नहीं है। चांदी तस्कर का है। इसके बाद ही कस्टम अफसर बनकर रोका और फिर चेकिंग के नाम पर चांदी लूटकर फरार हो गए थे। लेकिन, इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के पकड़े जाने के बाद तहरीर ली थी।
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गोरखपुर रेंज आईजी जे रविंद्र ने कहा कि पीड़ित ने पुलिस को दो लाख रुपये लूट की सूचना दी थी। लेकिन, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद 56 लाख रुपये नकद, 275 ग्राम सोना, 1150 ग्राम चांदी बरामद किया गया है। इसका हिसाब पीड़ित नहीं दे पा रहा है। इस वजह से संदेह है कि हवाला की रकम है। महराजगंज एसपी को पूरे प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित करने का आदेश दिया गया है। गोरखपुर पुलिस भी मदद करेगी और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।