गोरखपुर। तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश के बाद शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ली। शाम करीब चार बजे तेज बारिश के साथ चली आंधी ने शहर से लेकर देहात तक तबाही मचा दी। अलग-अलग इलाकों में पेड़, डालियां और बिजली के पोल गिरने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच से अधिक लोग घायल हो गए। हादसों के बाद कई मार्गों पर आवागमन बाधित रहा। घायलों का मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज चल रहा है।
सबसे दर्दनाक हादसा कैंपियरगंज के लक्ष्मीपुर द्वितीय टोला गजरहिया में हुआ। तेज हवा के बीच एक पुराना साखू का पेड़ झोपड़ी पर जा गिरा। हादसे के वक्त झोपड़ी में चार लोग मौजूद थे। पेड़ के नीचे दबे लोगों को तहसील और पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला। हादसे में किशन (13) पुत्र हीरालाल, सुभाष (45) पुत्र भुल्लुर और ज्ञानमती (40) पत्नी महानंद की मौत हो गई। श्याममिलन (50) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें कैंपियरगंज सीएचसी से प्राथमिक उपचार के बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
उधर, गगहा के गजपुर सीयर मोड़ के पास भी पेड़ गिरने से एक राहगीर की मौत हो गई। मृतक की जेब से मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान भीम कुमार पुत्र राम तीरथ विश्वकर्मा निवासी गगड़ा, चौरीचौरा के रूप में हुई।
टीन शेड वाले मकान पर गिरा 80 साल पुराना पेड़
शहर के धर्मशाला इलाके में भी बारिश और आंधी ने एक परिवार की मुश्किल बढ़ा दी। जटेपुर दक्षिणी काली मंदिर गली में करीब 80 साल पुराना पाकड़ का पेड़ टीन शेड वाले मकान पर गिर गया। हादसे में तीन लोग घायल हुए। स्थानीय लोगों ने उन्हें सदर अस्पताल पहुंचाया। एक महिला को भर्ती किया गया जबकि दो को उपचार के बाद घर भेज दिया गया। डीएम दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। चौरीचौरा में बिजली का पोल गिरने से बाइक सवार राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके अलावा पुर्दिलपुर काली मंदिर गली, विश्वविद्यालय के पास और कैंपियरगंज समेत कई इलाकों में पेड़ और डालियां गिरने की सूचनाएं मिलीं। सड़कों पर पेड़ और तार गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। प्रशासन और पुलिस की टीमें रास्ते साफ कराने में जुटी रहीं।