हरियाली तीज पर मेंहदी लगवाती महिलाएं।
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हरियाली तीज शनिवार को मनाई जाएगी। पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिनें व्रत रखेंगी। दूसरे दिन सुबह स्नान और पूजा के बाद व्रत का पारायण करेंगी।
ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन ने बताया कि श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को श्रावणी तीज या हरियाली तीज कहते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाली तीज के दिन सोलह श्रृंगार करें और हाथों में हरे रंग की चूड़ियां पहनें। इस दिन मेहंदी लगाने का बड़ा ही महत्व है। मान्यता है कि नवविवाहिता अपने पिता के घर जाएं और वहीं व्रत करें।
इस अवसर पर महिलाएं झूला झूलती हैं और सावन के गीत गाती हैं। कहा जाता है कि मां पार्वती ने इसी दिन कठोर तपस्या कर भगवान शंकर को प्राप्त किया था। महिलाएं अपने दांपत्य जीवन में अभिवृद्धि और पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं।
ऐसे करें पूजा-अर्चना
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, हरियाली तीज के दिन सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। मिट्टी में गंगाजल मिलाकर चौकी या पटरी पर शिवलिंग, भगवान गणेश, माता पार्वती और उनकी सखियों की प्रतिमा बनाएं। श्रृंगार की सामग्री माता पार्वती को अर्पित करें। फिर माता पार्वती, भगवान शिव और गणेश जी की पूजा करें। भगवान शिव को वस्त्र अर्पित करें और हरियाली तीज की कथा सुनें। अगले दिन व्रत का पारायण करें।