गोरखपुर में हॉलमार्क के अवैध धंधे पर चोट लगी तो बात विवाद और जानलेवा हमले तक पहुंच गई। मामला शुक्रवार का है। शहर के एक मैरेज हाउस में सराफा कारोबारी और सराफा मंडल के पदाधिकारी इकट्ठा हुए थे। आरोप है कि सराफा कारोबारी ने सराफा मंडल के अध्यक्ष पर हमला कर दिया। पूर्व अध्यक्ष ने वर्तमान अध्यक्ष को हमले से बचाया। इस विवाद को लेकर शनिवार को सराफा मंडल के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप पर एक-एक दूसरे पर दिन भर गहमागहमी रही, एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए।
दरअसल, शुक्रवार को शहर के एक मैरेज हाउस में स्वजातीय सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें सभी सराफा कारोबारी शामिल हुए थे। आरोप है कि इसी कार्यक्रम में देवरिया के नीरज वर्मा भी शामिल हुए थे। इनकी दुकान सराफा मंडल बाजार में ही है। सराफा मंडल के अध्यक्ष गणेश वर्मा ने व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज किया कि पूर्व अध्यक्ष शरद चंद्र अग्रहरी के सामने मुझ पर नीरज वर्मा ने जानलेवा हमला किया। उसके साथ उनके सहयोगी भी थे।
अध्यक्ष गणेश वर्मा ने मैसेज में लिखा कि नीरज वर्मा ने शुक्रवार को मिलने पर उन पर आरोप लगाया कि, बिरादरी के खिलाफ एफआईआर क्यों दर्ज करवा रहे हो? तुम बिरादरी विरोधी हो। मैसेज में उन्होंने समूह के दूसरे सदस्यों से पूछा कि क्या मैने गलत किया? मुझे लगता है गंदे आदमी को बिरादरी से दूर करके बिरादरी का ही नाम ऊंचा किया है। यही बात मैने मैरेज हाउस में भी कही तो नीरज वर्मा ने अपने साथियों के साथ मुझे धमकाना शुरू कर दिया, मेरे ऊपर जानलेवा हमला करने की कोशिश की। वहां पर पूर्व अध्यक्ष शरद चंद्र अग्रहरी भी थे, जिन्होंने बीच बचाव करके मुझे बचाया। आगे लिखा कि नीरज वर्मा खुद मानक के विपरीत कार्य करने के लिए चर्चित हैं। अगर मेरे ऊपर प्राणघातक हमला हुआ, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नीरज वर्मा की होगी।
इसके तुरंत बाद ही नीरज वर्मा ने भी अपनी बात ग्रुप पर मैसेज के जरिए रखी। लिखा, मैरेज हाउस के कार्यक्रम में मेरी मुलाकात अध्यक्ष गणेश वर्मा से हुई। वहीं इनका परिचय भी मिला। इसके पहले कभी इनसे मुलाकात नहीं हुई थी और न ही परिचय था। इनके द्वारा मेरी बिरादरी (स्वर्णकार) को लेकर कुछ अपशब्द कहा जा रहा था। टिप्पणी अभद्र थी, जिसका मैनें विरोध किया। इसपर उन्होंने और उनके पुत्र ने मेरे ऊपर हमला कर दिया, लेकिन मेरे सुरक्षाकर्मियों ने बीचबचाव कर मुझे सुरक्षित निकाल लिया। जवाब में फिर गणेश वर्मा ने लिखा कि तुम मेरी दुकान पर पहले भी कई बार आ चुके हो। गलत माल ना बेचने की हिदायत भी बैठक में दे दी गई थी।
ये विवाद कहीं अवैध कारोबार का तो नहीं
सराफा मंडल इन दिनों लगातार सुर्खियों में है। पिछले दिनों एक व्यापारी की दुकान कुछ कारीगरों ने घेर ली थी। फिर बैठक हुई, सहमति बनीं कि आपसी विवाद खत्म होगा। इसी बीच अगले दिन ही सराफा मंडल पदाधिकारियों ने बाजार में हॉलमार्किंग का अवैध काम करने वाले एक व्यापारी की दुकान पर छापा मार दिया। पुलिस की टीम भी साथ में थी। दुकान से साढ़े बारह किलो फर्जी हॉलमार्किंग वाला सोना बरामद हुआ। फिर सामने आया कि बाजार में फर्जी हॉलमार्क का धंधा गहराई तक अपनी जड़े जमाए हुए है।
जाति के बारे अशोभनीय शब्दों का किया था विरोध
सराफा व्यापारी नीरज वर्मा ने बताया कि गणेश वर्मा अध्यक्ष हैं, उनका सम्मान है। लेकिन, जाति के बारे अशोभनीय शब्द कहना सही नहीं हैं। इसी का विरोध किया था। अब इसे गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है, तो मेरी क्या गलती। गलती एक करे और बदनाम पूरे समाज को किया जाए, इसी बात की आपत्ति थी।
सोमवार को एसएसपी से मिला सकता है सराफा मंडल
सराफा मंडल के पदाधिकारी सोमवार को एसएसपी से मुलाकात कर सकते हैं। इस दौरान वे हॉलमार्क का गलत व्यापार करने वालों और सराफा बाजार की छवि खराब करने वालों पर कार्रवाई की मांग करेंगे।