हल्दीराम कंपनी की सोन पापड़ी जांच में मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित मिली है। रिपोर्ट में इसका खुलासा होने के बाद हरकत में आए खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जिस दुकान से सोन पापड़ी का नमूना लिया गया था, उसके विक्रेता और कंपनी के खिलाफ एसीजीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने के लिए विभाग के अभिहीत अधिकारी (डीओ) कुमार गुंजन ने प्रदेश के खाद्य आयुक्त को पत्र लिखा है। अनुमति मिलते ही विभाग दोनों पर मुकदमा दर्ज करा देगा।
वहीं, विभाग ने जिस बैच का नमूना जांच में फेल पाया है, उस बैच का पूरा माल बाजार से वापस मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले खाद्य सामग्रियों के बड़े ब्रांड की जांच का दायरा बढ़ाने की निर्णय लिया है। जांच के मामले में विभाग का जोर ज्यादातर लोकल कंपनियों के उत्पाद पर रहता है। आम धारणा है कि बड़े व नामी ब्रांड वाली खाद्य सामग्री मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं हो सकती हैं, मगर इस मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग का यह भ्रम टूट गया है।
उरुवा बाजार से लिया था नमूना
विभाग के मुताबिक खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने गत दिनों गोरखपुर के उरुवा बाजार स्थित अयोध्या गुप्ता पुत्र मुन्नीलाल की दुकान से हल्दीराम कंपनी की सोन पापड़ी का नमूना लिया था। इस सिलसिले में हल्दीराम का पक्ष नहीं मिल सका है। पक्ष मिलते ही प्रकाशित किया जाएगा।
दूध-पनीर तेल के नौ नमूने फेल, दर्ज होगा मुकदमा
खाद्य सुरक्षा विभाग के डीओ कुमार गुंजन ने बताया कि सितंबर महीने में खाद्य पदार्थों की 10 जांच रिपोर्ट विभाग को प्राप्त हुई। इसमें सोन पापड़ी के अलावा दूध, पनीर, मसाले से जुड़े नौ अन्य खाद्य पदार्थों की या तो गुणवत्ता मानक पर खरी नहीं मिली या उनकी पैकेजिंग में गड़बड़ी पाई गई है।
डीओ ने बताया कि संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ न्याय निर्णायक अधिकारी व एडीएम (सिटी) कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी शुरू हो गई है। जांच में पिपराइच के शिव शक्तिनगर कॉलोनी स्थित सूरज कुमार मद्धेशिया के मठरी का नमूना मिथ्या छाप, शाहरपुर डेरी कॉलोनी के मनोज कुमार गौड़ और पिपरौली के बसुढ़ा गांव के सत्येंद्र के पास से लिए गए पनीर का नमूना अद्योमानक पाया गया।
महुली के दूधिये राम स्वारथ यादव की भैंस के दूध का नमूना अद्योमानक तो शहर के राजेंद्र नगर स्थित आशीष कुमार गुप्ता की दुकान से लिया श्याम जी ब्रांड के मसाले का नमूना मिथ्या छाप मिला। गीताप्रेस मिर्जापुर निवासी सुभाषचंद्र गुप्ता की दुकान से लिया रिफाइंड पॉमोलीन ऑयल का नमूना अद्योमानक, गगहा पिछौरा के मनोज कुमार की दुकान से लिया गया साहू ब्रांड का सब्जी मसाले का नमूना मिथ्या छाप, शाहपुर शक्तिनगर के बृजेश सिंह के यहां से लिया गया ऑनिस्ट ब्रांड का साबूत काजू व तिवारीपुर स्थित मो. अनवर के यहां से लिया गया बसेरा ब्रांड की मोटी सेवई का नमूना जांच में मिथ्या छाप मिला है।
खाद्य सुरक्षा विभाग अभिहीत अधिकारी कुमार गुंजन ने बताया कि हल्दीराम ब्रांड की सोन पापड़ी का नमूना जांच के लिए भेजा गया था। रिपोर्ट में इसे मानव स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं पाया गया है। विक्रेता और कंपनी पर एसीजीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने के लिए खाद्य आयुक्त को पत्र लिख दिया गया है। ऐसे मामलों में तीन साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। इसी तरह इस महीने मिले नौ नमूनों की जांच रिपोर्ट में भी मिथ्या छाप और अधोमानक की पुष्टि हुई है, इन सभी पर भी एडीएम कोर्ट में मुुकदमा दर्ज कराया जाएगा।