डीएम ने बताया कि शस्त्र विक्रेताओं के साथ जल्द ही एक बैठक होगी। इस दौरान एक साल में बिके कारतूसों का विवरण तलब करने के साथ ही लाइसेंसधारियों को बेचे गए कारतूसों का मिलान कराया जाएगा।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि पंचायत चुनाव के मद्देनजर सभी के शस्त्र जमा कराए जाएंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही इस काम की निगरानी के लिए कमेटी भी गठित कर दी जाएगी। असलहों को पुलिस थानों के मालखानों या शस्त्र विक्रेता की दुकान पर जमा किया जा सकता है।