पीएचडी करने वाली महिला शोधार्थियों को भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। यूजीसी के गाइडलाइंस के मुताबिक सभी महिला शोधार्थियों को अब मैटरनिटी लीव मिलेगी। काफी समय से इसकी मांग की जा रही थी।
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फर्जी छात्रों पर निर्णय एक हफ्ते में
बीते जनवरी महीने में जिन 40 फर्जी छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने पकड़ा था। उस संबंध में गठित की गई उच्चस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट आ गई है। बैठक में उसे रखा गया। लीगल ओपिनियन के लिए एक सप्ताह का समय लिया गया है। इस मामले में हाईकोर्ट में 24 जुलाई को सुनवाई होनी है। उससे पहले ही विवि प्रशासन द्वारा निर्णय लेकर रिपोर्ट को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
एमएमएमयूटी कुलपति प्रो जेपी पाण्डेय ने कहा कि यूजीसी की गाइडलाइंस के अनुसार गेस्ट फैकल्टी को न्यूनतम 50 हजार का मानदेय देने की प्रबंध बोर्ड की बैठक में मंजूरी मिल गई है। अकुशल कर्मचारियों को उनके अनुभव को देखते हुए न्यूनतम 15 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। महिला शोधार्थियों को मैटरनिटी लीव भी दी जाएगी।