गोरखपुर से बरौनी जाने वाली अवध एक्सप्रेस के गार्ड एमसी वैश्य को रेलवे विजिलेंस की टीम ने रुपये लेकर ब्रेकयान में यात्रा कराते रंगेहाथ पकड़ लिया। टीम ने अपनी रिपोर्ट संबंधित विभाग को सौंप दी है। अब विभाग रिपोर्ट के आधार के पर गार्ड के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
पूर्वोत्तर रेलवे की विजिलेंस टीम को लगातार शिकायत मिल रही थी कि गोरखपुर से नरकटियागंज की तरफ ट्रेन लेकर जाने वाले कुछ गार्ड यात्रियों को ब्रेकयान में बैठाकर रुपये वसूलते हैं। शिकायत के आधार पर विजिलेंस की टीम मंगलवार को गोरखपुर स्टेशन पर पहुंच गई।
टीम ने देखा कि 19037 अवध एक्सप्रेस के गार्ड एमसी वैश्य कुछ यात्रियों से बात रहे हैं और उन्हें ब्रेकयान में बैठा रहे हैं। यह देख विजिलेंस इंस्पेक्टर ने भी गार्ड से कप्तानगंज तक ले जाने की बात कही। गार्ड ने इंस्पेक्टर को भी बैठा लिया और ट्रेन के कैंट स्टेशन से आगे बढ़ते ही वसूली शुरू कर दी। ट्रेन में कुछ 10 यात्री बैठे थे। गार्ड ने विजिलेंस इंस्पेक्टर से भी डेढ़ सौ रुपये मांगे।
इंस्पेक्टर ने रुपये दिए और जैसे ही गार्ड ने लिया, उसे दबोच लिया। विजिलेंस की टीम पहुंच गई और ब्रेकयान का दरवाजा बंद कर दी। ब्रेकयान में बैठे सभी यात्रियों से बयान लिया गया और गार्ड को पकड़कर मुख्यालय ले आए। विजिलेंस टीम ने रिपोर्ट रेल प्रशासन को सौंप दी है।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे पंकज कुमार सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे का सतर्कता विभाग निरंतर निगरानी करता है। सतर्कता विभाग को एक गार्ड के भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत मिली थी, जिसको सतर्कता विभाग की टीम ने पकड़ा है। उस पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।