वाणिज्य कर विभाग की जीएसटी टीम ने गोरखपुर के गीता प्रेस रोड स्थित दीवान दयाराम बाजार के थोक रेडीमेड कारोबारी मनोज गुप्ता के सन्नी होजरी नामक प्रतिष्ठान का सर्वे किया। ज्वाइंट कमिश्नर के नेतृत्व में तीन टीमों ने यह कार्रवाई की।
इस दौरान कारोबारी करीब 80 लाख कीमत के रेडीमेड गारमेंट का कोई बिल बाउचर नहीं दिखा सके। उधर, अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे दीवान बाजार और गीता प्रेस रोड के व्यापारियों में हड़कंप का माहौल रहा। कई व्यापारी दुकान का शटर गिराकर दिन भर गायब रहे।
ज्वाइंट कमिश्नर एसआईबी आरसी दूबे के नेतृत्व में तीन टीमें बनाकर रेडीमेड कारोबारी के प्रतिष्ठान पर सर्वे की कार्रवाई की गई। विभाग को शिकायत मिली थी कि कारोबारी बिना बिल बाउचर के लाखों का माल रेलवे और ट्रांसपोर्ट से मंगा रहे हैं। इसी लिहाज से सर्वे किया गया।
पहली टीम का नेतृत्व डीसी एसआईबी एसएन सिंह, दूसरी का डीसी एसआईबी एसएन यादव और तीसरी टीम का नेतृत्व असिस्टेंट कमिश्नर राजेश कुमार सिंह ने किया। सर्वे करने वाली टीम के अफसरों ने बताया कि कारोबारी करीब 80 लाख रुपये की कीमत के माल से जुड़े कागजात नहीं दिखा सके हैं। कुछ कागज दिखाए गए, लेकिन वे सही नहीं प्रतीत हो रहे हैं।
कार्रवाई करने वाली टीम में सूर्य प्रकाश, प्रशांत द्विवेदी, विष्णु कुमार, निसिद्ध कुमार और पुलिस शामिल रही। दूसरी तरफ सन्नी होजरी के मालिक मनोज गुप्ता से मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी। पक्ष आते ही प्रकाशित किया जाएगा।
वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर राजेश कुमार सिंह ने बताया कि बिना बिल बाउचर के माल मंगाने की शिकायत पर सर्वे किया गया। सर्वे का एसेसमेंट किया जा रहा है। रेडीमेड कारोबारियों द्वारा बड़े पैमाने में जीएसटी चोरी की शिकायत मिल रही है। इस तरह का अभियान आगे भी जारी रहेगा।