जीएसटी सूत्रों ने बताया कि मंडल में लोहे के कुल 232 बड़े कारोबारी हैं। इनमें से पंजीकृत व्यापारियों के पास आने वाले लोहे के स्क्रैप की जांच की जा रही है। पिछले दिनों दो बड़ी फर्मों पर जाकर टीम ने जांच भी पूरी कर ली है। इसके अलावा अन्य में से जांच वाले कारोबारियों की सूची जीएसटी के पास तैयार हो गई है। आने वाले कुछ दिनों में लोहे के कारोबारियों के यहां आए लोहे के स्क्रैप का मिलान भी किया जाना शुरू होगा।
ऐसे खपाते हैं कारोबारी इस स्क्रैप को
जीएसटी के सूत्रों ने बताया कि इस लोहे के स्क्रैप से करोड़ों रुपये से अधिक का व्यापार होता है। दरअसल, लोहे की फैक्ट्रियों में अघोषित रूप से लोहे के कबाड़ की खरीद की जाती हैं। ऐसा इसलिए कि उससे बिना प्रपत्रों के सरिया, लोहे के एंगल, चादर व सरिया बनाने में प्रयोग किया जाने वाला इंगट तैयार किया जाता है। इसी इंगट को बिल्डरों को बाजार से सस्ते दर पर दे दिया जाता। अघोषित रूप से लोहे से होने वाले व्यापार की वजह और बड़े मुनाफे से ऐसे कारोबार किया जा रहा।
ग्रेड टू एडिश्नल कमिश्नर देवमणि शर्मा ने कहा कि बुधवार की रात में जीएसटी की एसआईबी टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। एक साथ चार ट्रकों को जब्त कर उसमें रखा लोहे का स्क्रैप सीज किया गया है। उसमें रखे प्रपत्रों की जांच की जा रही है। ये कार्रवाई ऐेसे ही चलेगी। एसआईबी टीम सक्रिय है।