फर्म ने 50 करोड़ रुपये से अधिक का किया है व्यापार, कर जमा किए मात्र नौ लाख
कर चोरी के संदेह में शोरूम सील, टीम ने दस्तावेज कब्जे में लिए
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की टीम ने शहर स्थित वाराणसी की एक इलेक्ट्रॉनिक सामानों की फर्म के शोरूम और गोदाम पर मंगलवार को छापा मारा। जांच में जीएसटी की चोरी मिली है। बताया जा रहा है कि फर्म ने पांच वर्षों में 50 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार किया, लेकिन कर मात्र नौ लाख रुपये जमा कराए। जीएसटी की टीम ने शोरूम में रखे सामानों को जब्त कर दुकान को सील कर दिया है। दोपहर 12 बजे शुरू हुई कार्रवाई रात आठ बजे समाप्त हुई।
जीएसटी की टीम को शिकायत मिली थी कि वाराणसी की फर्म टॉप इन टाउन इलेक्ट्रॉनिक सामानों का व्यवसाय करती है। जिसका शोरूम असुरन चौक के पास और गोदाम गीडा में है। सूचना के आधार पर जीएसटी की एसआईबी टीम ने मंगलवार दोपहर एक साथ शोरूम और गोदाम पर छापा मारा। टीम ने रिकाॅर्ड खंगाला तो पाया कि पिछले पांच वर्षों में फर्म ने कुल 50 करोड़ रुपये का स्टाॅक बेचा है, लेकिन उस हिसाब से कर जमा नहीं किया गया है। टीम ने शोरूम से खरीद-बिक्री के सारे दस्तावेजों को कब्जे में ले लिया। जांच के बाद सामने आएगा कि फर्म ने कितने की कर चोरी की है। छापे की कार्रवाई में डिप्टी कमिश्नर एसआईबी सुनील कुमार वर्मा, पंकज सुमन, प्रशांत द्ववेदी, अशोक कुमार पांडेय और अन्य लोग शामिल थे।
तीन वर्ष पहले एक रुपया भी कर जमा नहीं किया
जीएसटी की जांच टीम के सूत्रों के मुताबिक फर्म ने तीन वर्ष पहले एक रुपये भी कर जमा नहीं किया।, जबकि खरीदारी का ग्राफ लगातार बढ़ते जा रहा था। टीम ने शोरूम में रखे सामानों की खरीद और मॉडल नंबर से रिकाॅर्ड सुरक्षित किया। अब टीम जीएसटी में दाखिल रिकाॅर्ड से मिलान करेगी। ताकि पता चल सके कि फर्म ने कितना कर जमा किया है।
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गीडा शोरूम मिला खाली
जीएसटी की टीम को जानकारी मिली थी कि असुरन स्थित शोरूम में सामान रखे जाने के अलावा गीडा स्थित गोदाम में भी सामान रखे गए हैं, लेकिन जब टीम पहुंची तो गोदाम खाली मिला। टीम को अंदेशा है कि सामान शहर के अलावा अन्य शहरों में भेज दिया गया है।
0- शोरूम में ये सामान हुए सीज
फ्रिज, एसी, एलईडी, टीवी, म्यूजिक सिस्टम, माइक्रोवेव, कूलर, पंखा, सीलिंग फैन, मिक्सी ग्राइंडर, वाशिंग मशीन, इलेक्ट्रॉनिक प्रेस एवं अन्य सामान।
कोट
जीएसटी की एसआईबी टीम को सूचना मिली थी कि टॉप इन टाउन फॅर्म द्वारा इलेक्ट्रॉनिक सामानों में कर चोरी की जा रही है। इसी आधार पर टीम ने भौतिकी सत्यापन किया। रिकाॅर्ड सुरक्षित किया गया है। फर्म की तरफ से पांच वर्षों में कुल 50 करोड़ रुपये का व्यापार किया गया है और 9 लाख रुपये कर जमा किए गए हैं। अब जांच के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट होगी कि कितने की कर चोरी की गई है।
देवमणि शर्मा, एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड द्वितीय