इसके बाद तीनों आरोपियों ने भीटी रावत स्थित दूसरे की जमीन को अपना बताने के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उस पर अपना फोटो लगाया और हस्ताक्षर किए। सहमति बनने के बाद पीड़ित ने 25 लाख रुपये आरटीजीएस से भुगतान किया। एक लाख रुपये नकद दिए। शेष रुपये बैनामा होने पर देने का वादा किया।
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आरोप है कि जब पीड़ित ने जमीन बैनामा करने के लिए कहा तो तीनों आनाकानी करने लगे। इसके बाद उन्हें नोटिस भेजा गया। नोटिस मिलने पर तीनों आरोपियों ने पीड़ित से कहा कि सर्किल रेट कम है, शेष रुपये खाते में नहीं लेंगे। नकद चाहिए।
झांसे में आकर पीड़ित ने 44 लाख रुपये नकद दे दिए। इसके बाद भी जमीन का बैनामा नहीं किया गया। जब बैनामा करने का दबाव बनाया गया तो आरोपी धमकी देने लगे। पीड़ित ने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई। एसएसपी के आदेश पर सहजनवां पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।