यूं तो हमारे देश में टेली कंसल्टंसी की अनेक गतिविधियां चल रही हैं लेकिन यह टेली डायग्नोसिस के लिए प्रौद्योगिकी मूल्यांकन और ई हेल्थ रिकार्ड को बनाने के प्रथम प्रयासों में से एक है। इस परियोजना को आई आई टी मद्रास के साथ साझेदारी में और सी डैक मोहाली के सहयोग से कार्यान्वित किया जा रहा है। मे. हेल्थ क्यूबड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा डाइग्नोस्टिक किट्स की आपूर्ति की जा रही है।
परियोजना की मुख्य गतिविधियों में महिलाओं /बच्चों की धारण योग्य उपकरणों से जांच, ई -संजीवनी क्लाउड के माध्यम से स्वास्थ्य डाटा का विश्लेषण और ईएचआर के विकास के लिए डाटा को डॉक्टरों के पूल तक भेजना शामिल है। वे मानक जिनका विश्लेषण किया जाएगा, उनमें ईसीजी, हृदय दर ,रक्त दाब ,लिपिड प्रोफाइल, हीमोग्लोबिन और फैटल ड्रॉपलर शामिल हैं।
शुरुआत में तीन जिलों गोरखपुर, वाराणसी और मणिपुर के कामजोंग के लगभग साठ हजार रोगियों को कवर किया जाएगा। इसमें आउटरीच भागीदार के रूप में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्व विद्यालय, बीएचयू वाराणसी एवं एनआईटी मणिपुर शामिल हैं।
मानक जो कवर किए जाएंगे
इलेक्ट्रो कार्डियोग्राफिक जांच (हृदय रोग परीक्षण) हृदय दर का मापन, रक्त दाब का मापन, रक्त ऑक्सीजेनेशन का मापन, लिपिड प्रोफाइल, हीमोग्लोबिन और माता एवं शिशु की देखभाल (फैटल ड्रॉपलर) आदि। संग्रहीत डाटा के मूल्यांकन और उचित सलाह देने हेतु दस प्रसिद्ध डॉक्टरों का एक पैनल भी बनाया गया है l
इस अवसर पर प्रो राजेश सिंह, प्रोफल प्रदीप श्रीवास्तव, कार्यकारी निदेशक, टाइफैक ,दिल्ली की उपस्थिति में इस परियोजना का शुभारंभ किया गयाl