जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने बुधवार को बताया कि कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी तथा दो अप्रैल तक बायोमेट्रिक मशीन से उपस्थिति नहीं ली जाएगी।
कोरेनटाइन या आईसोलेशन में रखे जाने वाले कार्मिकों को नियोजकों के द्वारा सवेतन अवकाश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के संस्थानों एवं नियोक्ताओं को इस हेतु प्रेरित किया जाएगा कि जहां तक संभव हो कर्मचारियों को घर से कार्य करने की अनुमति दी जाए।
जिलाधिकारी ने कोरोना वायरस से सुरक्षा के लिहाज से चिकित्सा शिक्षा को छोड़कर शेष सभी प्रकार के शैक्षणिक संस्थान, जिम, म्यूजियम, पर्यटन स्थल, सांस्कृतिक एवं सामाजिक केंद्र, स्वीमिंग पूल एवं थियेटर दो अप्रैल तक बंद करने के आदेश दिए।
उन्होंने छात्रों को घर में ही रहने का परामर्श दिया और ऑनलाइन शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ने को कहा। इसके अलावा विश्वविद्यालय, बोर्डों, संस्थानों की परीक्षाएं एवं समस्त प्रतियोगी परीक्षाएं दो अप्रैल तक स्थगित रहेंगी तथा तहसील दिवस व समाधान दिवस भी दो अप्रैल तक नहीं होंगे।