गोरखपुर के उरुवा क्षेत्र में चाय, पकौड़ी और पान की दुकान पर चोरी से सरकारी दवा बिकवाने की आरोपी स्वास्थ्य विभाग की एएनएम रीना को पुलिस ने शनिवार को उरुवा कस्बे से गिरफ्तार कर लिया। वह पिछले साल जुलाई में केस दर्ज होने के बाद से फरार चल रही थी।
आरोपी रीना बलिया जिले के बेल्थरा रोड थाने के गौवापार गांव की रहने वाली है। वह उरुवा स्वास्थ्य केंद्र में तैनात थी। आरोप है कि वह थाने के चौकीदार के साथ मिलकर अस्पताल की दवाओं को चोरी से महंगे दाम पर बेचवा रही थी। उरुवा पुलिस ने दुकानों पर छापा मारकर भारी मात्रा में दवाएं बरामद की थीं।
उप निरीक्षक रवि चौधरी की तहरीर पर थाने के चौकीदार और एएनएम पर इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत पिछले साल जुलाई में केस दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपी चौकीदार परमानंद मिश्रा पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। केस दर्ज होने के बाद से ही आरोपी एएनएम फरार चल रही थी।
पुलिस ने बताया कि रीना पत्नी मनोज कुमार उरुवा स्वास्थ्य केंद्र पर एएनएम थी। स्वास्थ्य केंद्र के सामने थाने के चौकीदार की पान की दुकान थी। चौकीदार की मदद से रीना ने वहां आस-पास की दुकानों में सेटिंग कर ली थी। सरकार की ओर से मुफ्त में दी जाने वाली दवाएं चोरी से एएनएम चाय, पकौड़ी और पान की दुकानों पर भिजवा देती थी।
वहां से इन दवाओं को महंगे दामों पर बेचवाती थी। इसके बदले दुकानदारों को कमीशन मिलता था। शिकायत मिलने पर उरुवा पुलिस ने एक जुलाई 2023 को स्वास्थ्य केंद्र के सामने स्थित दुकानों पर छापा मारा। वहां से 19 गत्ते में टैबलेट और कई डब्बों में फोलिक एसिड सिरप मिली थी। चाय, पकौड़ी और पान की दुकान पर दवा लाइसेंस मांगा गया, तब दुकानदार अपनी गलती की माफी मांगने लगे।
हल्दीराम के नमकीन के गत्ते में छिपाई गई थीं दवाएं
दुकानदारों ने बताया कि एएनएम रीना दवाएं लाती है। इसे हल्दीराम नमकीन के गत्ते में छिपाकर रखा जाता था। एएनएम ही इन दवाओं को बेचवाती थी। तब तक वे दवा को दुकान पर छिपाकर रखते थे।
मुखबिर की सूचना पर आरोपी एएनएम को उरुवा कस्बे से गिरफ्तार कर लिया गया है। शनिवार को पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। पूछताछ में एएनएम ने कई जानकारियां दी हैं, उनकी पड़ताल की जाएगी। -जितेंद्र कुमार, एसपी दक्षिणी