इसकी जानकारी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को दी गई तो उन्होंने दवाओं के सरकारी होने की पुष्टि करते हुए बताया कि एएनएम को दवाएं बांटने के लिए दी गई थी। अब दवाओं को पान की गुमटी में क्यों रखा गया है, इसकी जांच की जा रही है। वहीं, दुकानदार ने बताया कि पीएचसी उरुवा की एक एएनएम ने एक सप्ताह पूर्व इस दवा को रखा था।
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प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जेपी तिवारी ने कहा कि किसी दुकान पर सरकारी दवा रखना गलत है। यह गंभीर मामला है, इसकी जांच कर संबंधित एएनएम के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एसओ उरुवा अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि सरकारी दवाएं पान की गुमटी से मिली हैं। स्वास्थ्य विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर को सूचना दे दी गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।