गोरखपुर में कोरोना वैक्सीनेशन।(फाइल)
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पुलिसकर्मी अब पंजीकरण के दौरान दर्ज कराए गए मोबाइल नंबर को बताकर नजदीकी बूथ पर भी कोरोना का टीका लगवा सकते हैं। टीकाकरण में सहूलियत के लिए शासन की ओर से ये दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। अन्य लाभार्थियों को पूर्व की भांति तय बूथ पर ही टीके की सुविधा मिलेगी।
गोरखपुर के सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगवाने का एक और मौका 19 फरवरी को दिया जाएगा। गुरुवार को फ्रंटलाइन वर्कर के टीकाकरण का अंतिम दिन है। 22 फरवरी को उनके लिए मापअप राउंड आयोजित होगा। सीएमओ ने बताया कि यूएनडीपी संस्था की मदद से कोविन पोर्टल पर जिन लोगों का पंजीकरण हो चुका है, टीका सिर्फ उन्हीं को लगेगा।
5000 स्वास्थ्यकर्मियों को लगनी है वैक्सीन
सीएमओ ने बताया कि अब भी करीब पांच हजार स्वास्थ्यकर्मी टीका नहीं लगवा सके हैं। उन सभी के लिए 19 फरवरी आखिरी अवसर है। इसी दिन 22 जनवरी को पहली डोज लेने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को टीके की दूसरी डोज भी दी जाएगी।
बूस्टर डोज के बगैर टीकाकरण का कोई फायदा नहीं
कोविड टीके की बूस्टर डोज भी ले चुके जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं हुआ है। दूसरी डोज के 15 दिनों के बाद शरीर में कोविड के प्रति प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह से विकसित हो जाती है। जिन लोगों ने टीके की पहली डोज ली है, उन्हें दूसरी डोज जरूर लेनी चाहिए। बिना दूसरी डोज लिए टीकाकरण का कोई फायदा नहीं मिलेगा।