जीडीए की पिछली बैठक में 63 मकानों को मालिकाना हक देने का नहीं हो पाया निर्णय
गोरखपुर। खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी परियोजना के लिए ली गई जमीन पर बने मकानों के मालिकाना हक से वंचित 63 परिवार अब फिर से मुख्यमंत्री से मिलेंगे। इसके लिए बृहस्पतिवार को जंगल सिकरी स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में बैठक कर रणनीति बनाई गई।
बैठक में मौजूद लोगों ने अंतरविभागीय विशेषज्ञ समिति की ओर से लिए गए निर्णय को मनमाना बताते हुए कहा कि इससे कई परिवार उजड़ जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राधिकरण, मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन नहीं कर रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रभावित परिवारों को मालिकाना हक देने का निर्देश दिया था, लेकिन अब बैनामे का आधार बना मुख्यमंत्री के आदेश की अवहेलना की जा रही है। इस दौरान जंगल सिकरी एवं खोराबार मकान बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय नारायण मिश्रा, सनद पांडेय, पूनम सिंह, कौशल्या देवी, जय प्रकाश मिश्र, जयनाथ यादव, जय नारायण मिश्रा, विकास पांडेय आदि मौजूद रहे।
जीडीए के अफसरों पर लगाया मनमानी का आरोप
इन लोगों का कहना है कि 15 जुलाई 2023 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनेक्सी भवन में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया था, कि सभी प्रभावित परिवारों को मालिकाना हक दिया जाए। लेकिन जीडीए के अफसर अभी तक नए-नए नियम बनाने में लगे हैं। राजीव पांडेय, संजय सिंह, वेदप्रकाश राय, राजमंगल राय, सुषमा राय, नीलम त्रिपाठी, राजेंद्र मणि त्रिपाठी, जयनारायण मिश्रा, गया प्रसाद, रामदुलारे, रामप्रकाश तिवारी, अविनाश पांडेय, हरीशरण गुप्ता, अरविंद पासवान, संतोष चौहान, रामेश्वर सिंह, राजकुमार आदि का कहना था कि अपने घर को बचाने के लिए हर संभव आंदोलन करेंगे।