माघी पूर्णिमा पर राप्ती नदी के तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, घरों में पानी में गंगाजल डालकर लोगों ने किया स्नान
गोरखपुर। माघी पूर्णिमा पर बुधवार को श्रद्धालुओं ने राप्ती नदी में स्नान के बाद दान-पुण्य कर जीवन में मंगल की कामना की। साथ ही पुरोहितों को आवश्यक सामग्री दानकर गरीबों को भी भोजन कराया। वहीं घरों में पानी में गंगाजल डालकर लोगों ने स्नान किया।
सुबह से ही श्रद्धालुओं का राप्ती तट पर आना प्रारंभ हो गया। आस्था भाव के साथ श्रद्धालुओं ने राप्ती नदी में डुबकी लगाई। साथ वहां उपस्थित पुरोहितों को दान-पुण्य व गो-दान कर जीवन में मंगल की कामना की। बहुत से श्रद्धालुओं ने पूर्वजों का तर्पण भी नदी के किनारे किया। जो श्रद्धालु प्रयागराज महाकुंभ व पवित्र नदियों में स्नान नहीं कर पाए। वह घरों में ही नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्नान किया। बेतियाहाता हनुमान मंदिर के महंत आचार्य राम नारायण त्रिपाठी के अनुसार माघी पूर्णिमा स्नान व दान करने से लोगों पर भगवान की कृपा बनी रहती है। स्नान-दान से जीवन के पाप कटते हैं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ और माघी पूर्णिमा का यह अद्भुत संयोग रहा है।